ब्लड शुगर टेस्ट स्ट्रिप सस्ते में प्राप्त करे
Dr. Morepen BG-03 Blood Glucose Test Strips, 50 Strips (Black/White)

LIVE Madhya Pradesh Political Reaction: 28 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव जारी, PM ने की मतदान की अपील

 
modi ji

भोपाल । मध्य प्रदेश की 28 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए मतदान जारी है। 63 लाख मतदाता 355 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे। इन उपचुनावों में शिवराज सिंह चौहान सरकार के 14 मंत्रियों के भाग्य का भी फैसला होगा। चुनाव नतीजों से तय होगा कि भाजपा सरकार में बरकरार रहेगी या कांग्रेस फिर सत्ता में वापसी करेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से बड़ी संक्या में मतदान की अपील की है।

Madhya Pradesh by-Election Political and Social Reaction Live Update:

पीएम ने की मतदान की अपील

पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा, ‘आज, पूरे देश में विभिन्न स्थानों पर उपचुनाव हो रहे हैं। मैं इन सीटों पर मतदान करने वालों से बड़ी संख्या में मतदान करने और लोकतंत्र के त्योहार को मजबूत करने का आग्रह करता हूं।’

2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का प्रमुख चेहरा रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया अब भाजपा के साथ हैं। कमलनाथ से नाराज 22 समर्थक विधायकों के साथ सिंधिया भाजपा में शामिल हो गए, जिसके बाद भाजपा ने शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में सरकार बनाई। अब उपचुनाव के नतीजे तय करेंगे कि प्रदेश की बागडोर किसके हाथ में रहेगी। यह पहला अवसर है कि प्रदेश में इतनी अधिक सीटों पर एक साथ उपचुनाव हो रहे हैं।

इनका राजनीतिक भविष्य दांव पर

भाजपा : शिवराज सिंह चौहान उपचुनाव में सफल रहे तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का कद भाजपा में बढ़ेगा। माना जाएगा कि जनता ने उनकी योजनाओं पर सहमति जताई है। विफल रहे तो राष्ट्रीय स्तर पर कद प्रभावित होगा।

ज्योतिरादित्य सिंधिया : समर्थकों को उपचुनाव में जिताने की जिम्मेदारी है। इनकी जीत-हार से सिंधिया को सीधे तौर पर सियासी नफा-नुकसान होगा। जीत मिली तो नई पार्टी में स्वीकार्यता बढ़ेगी और सत्ता और संगठन के केंद्र में रहेंगे।कांग्रेस

कमल नाथ : सरकार में वापसी नहीं की तो सियासी भविष्य खतरे में आ जाएगा। प्रदेश में पार्टी युवा नेतृत्व के विकल्प पर काम कर सकती है। उपचुनाव जीतकर फिर सरकार बना ली तो प्रदेश में पार्टी के सर्वमान्य नेता की छवि बनेगी।

दिग्विजय सिंह : सत्ता में रहने के दौरान सरकार में हस्तक्षेप के आरोप पार्टी नेताओं ने लगाए थे। सरकार बनी तो और ताकतवर होंगे और यदि नतीजे खिलाफ गए तो केंद्र और राज्य की राजनीति में भविष्य और कद पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

 
 

Related posts

Top