DMK को कांग्रेस सांसद इमरान मसूद की नसीहत, ‘अगर आपकी समझ में नहीं आ रहा है तो…’
तमिलनाडु के मौजूदा सियासी तस्वीर ने कांग्रेस और DMK के बीच खटास पैदा कर दी है. डीएमके की सांसद कनिमोई करुणानिधि ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को चिट्ठी लिखी है. इसमें अपील की है कि संसद में कांग्रेस से अलग बैठने की व्यवस्था की जाए. इस पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद की प्रतिक्रिया सामने आई है.
DMK को इमरान मसूद ने दे डाली नसीहत
कनिमोई की चिट्ठी पर उन्होंने कहा, “ये उनका फैसला है. इस पर मैं क्या कह सकता हूं.” डीएमके को नसीहत भरे लहजे में उन्होंने कहा, “तमिलनाडु की राजनीति ने करवट ली है और वहां के जनादेश को समझना चाहिए. अगर आपकी समझ में नहीं आ रहा है तो इसके अंदर कल आपका ही नुकसान होना है.”
राज्यपाल को संविधान सम्मत फैसला लेना चाहिए- इमरान मसूद
इसके साथ ही कांग्रेस सांसद ने कहा कि राज्यपाल को संविधान सम्मत फैसला लेना चाहिए. उन्होंने कहा कि संविधान सम्मत फैसला ये है कि टीवीके सबसे बड़ी पार्टी है, उसको न्यौता मिलना चाहिए. संविधान के अंदर स्पष्ट व्याख्या है कि बहुमत संदन के अंदर सिद्ध होगा, बाहर नहीं होगा. अगर सदन में बहुमत सिद्ध न करे तो आप दूसरे को मौका दें.
शुभेंदु अधिकारी पर क्या बोले कांग्रेस सांसद?
वहीं शुभेंदु अधिकारी के विधायक दल का नेता चुने जाने पर उन्होंने कहा, “ये देश का दुर्भाग्य है. जो लोग संविधान के अंदर विश्वास न करते हों, अभी मैं उनका कल ही बयान देख रहा था. वो मुसलमानों के बारे में जिस प्रकार के अल्फाज का इस्तेमाल कर रहे थे और फिर कह रहे थे कि इजरायल ने जैसा गाजा में किया, ऐसा करना चाहिए. तो क्या आप मुख्यमंत्री बनकर नरसंहार करेंगे? आपसे यही उम्मीद की जा सकती है क्या? आप देश को एकजुट रहने देंगे या नहीं रहने देंगे? अगर आप इस प्रकार की भाषा बोलेंगे जो किसी भी सूरत में संविधान के अनुरूप नहीं है और कुर्सी पर बैठते हैं तो शपथ किस बात की लेंगे आप?”
