‘किसी ने ईरान की मदद की, तो देंगे ऐसी सजा कि…’, गुस्से से तिलमिलाए ट्रंप ने दी धमकी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि वे ईरान की अर्थव्यवस्था को निशाना बनाने के लिए एक बड़ा नया अभियान शुरू कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि जो भी देश इस इस्लामिक देश की मदद करेगा या उसके साथ व्यापार करेगा, उसे “बहुत भारी” सज़ा भुगतनी होगी। ट्रंप ने सोशल मीडिया अकाउंट ट्रूथ सोशल पर लिखा, इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान को डील करने का जितना मौका मैंने दिया है, उतना किसी और ने नहीं दिया। दुख की बात है कि वे इस मौके का फ़ायदा नहीं उठा पाए। इसलिए, आज मैं किसी भी देश के ख़िलाफ़ अब तक की सबसे ज़बरदस्त आर्थिक कार्रवाई का ऐलान कर रहा हूँ! यह अभूतपूर्व स्तर पर आर्थिक युद्ध और अलग-थलग करने की कार्रवाई होगी।
ईरान अब खत्म हो चुका है
ट्रंप ने आगे लिखा, उनकी नौसेना खत्म हो चुकी है, वायुसेना बर्बाद हो गई है, मिलिट्री फ़ैक्ट्रियां मलबे में बदल चुकी हैं, उनकी करेंसी बेकार हो गई है, और उनका देश बर्बादी की कगार पर है। आज मैं यह भी ऐलान कर रहा हूं कि जो भी देश अपने फ़ाइनेंशियल संस्थानों, बिज़नेस, एयरपोर्ट या सरकारी संस्थाओं को ईरान को किसी भी तरह की मदद देने की इजाज़त देगा, उसे खुद बहुत बुरे आर्थिक नतीजों का सामना करना पड़ेगा।
ट्रंप ने सहयोगियों से मांगा साथ
तेल की तस्करी, स्वैप लाइन, कैश ट्रांसफ़र, एक्सचेंज हाउस, जहाज़ों की रजिस्ट्री, फ़्रंट कंपनियां, इन सबको अभी रोकना होगा। आप जानते हैं कि आप कौन हैं। यह एक ‘इकोनॉमिक D-DAY’ होगा, और हमें ईरान के ख़तरे को अलग-थलग करने और उसे हराने के लिए अपने सभी सहयोगियों का साथ चाहिए। ये सिरफिरे लोग हार की कगार पर हैं, और ये ऐतिहासिक कदम उन्हें और दुनिया भर में आतंक फैलाने की उनकी क्षमता को पंगु बना देंगे। ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होगा। इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद।
देश के अंदर ही हो रही ट्रंप की आलोचना
ट्रंप ने आर्थिक दबाव बढ़ाने का यह अभियान ऐसे समय में शुरू किया गया है जब युद्ध को छह महीने पूरे होने वाले हैं और फिलहाल कोई कूटनीतिक या सैन्य समाधान नज़र नहीं आ रहा है। नवंबर में होने वाले चुनावों के नज़दीक आने के साथ ही, ट्रंप को इस युद्ध को लेकर देश के भीतर फिर से राजनीतिक आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।
राष्ट्रपति ट्रंप की यह टिप्पणी ट्रेज़री सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट के उस बयान के लगभग एक हफ़्ते बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका ईरान को आर्थिक रूप से इस तरह अलग-थलग कर देगा जैसा दुनिया ने पहले कभी नहीं देखा होगा। मिसाइल हमलों में हालिया कमी के बावजूद, ईरान ने होर्मुज़ (स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़) से होने वाली शिपिंग पर प्रभावी रूप से रोक लगा रखी है। यह स्थिति तब बनी जब इस अहम रास्ते को फिर से खोलने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच बनी शुरुआती सहमति टूट गई।
हाल के दिनों में, दोनों पक्षों ने कहा है कि संदेशों का आदान-प्रदान हो रहा था, लेकिन मंगलवार को ट्रंप ने ज़ोर देकर कहा कि बातचीत बंद हो गई है और सोशल मीडिया पर एक संदेश पोस्ट करके सुझाव दिया कि यह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (strait) अमेरिका का नया इलाका बन सकता है।
अमेरिका ईरान के बीच होगी बातचीत?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ओमान को धमकी दी है, जबकि ईरान का कहना है कि वह खाड़ी के इस अरब देश के साथ मिलकर ‘स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़’ से जहाजों की आवाजाही को मैनेज करने की योजना पर काम कर रहा है। इस समुद्री रास्ते को पूरी तरह से फिर से खोलना अमेरिका की एक अहम मांग रही है। इस बीच, अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता करने के लिए तय 60 दिन की बातचीत की अवधि खत्म हो रही थी। इसे बढ़ाने के बारे में कोई खबर नहीं थी और ऐसा लग रहा था कि दोनों पक्ष अब भी उतने ही दूर हैं जितने वे शुरुआत में थे।
