UPI Charges: शरद पवार गुट का बड़ा बयान, ‘ये अमेरिका के दबाव का…’
यूपीआई लेन देन पर लगने वाले MDR (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) पर शरद पवार गुट ने प्रतिक्रिया दी. शरद पवार गुट के नेता जितेंद्र आव्हाड ने कहा कि कर (टैक्स) कहीं पर भी लगे, कोई भी तरीके लगे, आखिर में उसका नुकसान आम लोगों को ही भुगतना पड़ता है. उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार डिजिटल पेमेंट की बात करती रही और बढ़ावा दिया. जब लोग इस तरफ बढ़े तो टैक्स लगा दिया. ये अमेरिका के प्रेशर के नीचे हम आ रहे हैं.
जितेंद्र आव्हाड ने कहा कि इससे रिटेलर्स का क्या लेना देना है. वो बिल बनाएंगे और बिल लोगों के हाथ में देंगे. आम आदमी को देखना है कि बिल में कितनी बढ़ोतरी आई है. उन्होंने कहा, “पैसा किसका जाने वाला है?”
हजार रुपये में एक किलो पेड़ा मिलता है क्या- आव्हाड
शरद पवार गुट के नेता ने कहा कि अब दीवाली, नवरात्रि और गणेश उत्सव में हजार रुपये में एक किलो पेड़ा मिलता है क्या? ये डायरेक्ट बोलना चाहिए कि हमने (सरकार) टैक्स लगाया है. उसको अलग-अलग शब्द देकर लोगों को क्यों गुमराह किया जा रहा है?
15 अक्टूबर से लागू होगा MDR
गौरतलब है कि सरकार ने मंगलवार (15 सितंबर) को घोषणा की कि 2000 रुपये से ऊपर के यूपीआई लेन देन पर 0.4 फीसदी एमडीआर लगेगा. हालांकि, ये चार्ज आम लोगों से नहीं बल्कि दुकानदारों से वसूला जाएगा. लेकिन विपक्षी दलों का कहना है कि इसका असर आम लोगों पर ही पड़ेगा और दुकानदार या व्यापारी लोगों से ही ये चार्ज वसूलेंगे.
मनोज जरांगे पर क्या बोले?
जितेंद्र आव्हाड ने मनोज जरांगे पाटील को लेकर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि सरकार को मनोज जरांग से चर्चा करनी चाहिए.
‘यूसीसी पर फैसला लेने का अधिकार शरद पवार के पास’
यूनिफॉर्म सिविल कोड के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि ये सिर्फ महाराष्ट्र तक सीमित नहीं है. ये मुद्दा राष्ट्रीय स्तर का मुद्दा बनने वाला है. इस पर इंडिया गठबंधन के भीतर बैठक करके इस पर फैसला लेने का अधिकार शरद पवार और सुप्रिया सुले को दिया गया है.
