मां शाकंभरी विश्वविद्यालय और परिवार सोसायटी के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर
ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए 15 गांवों में खुलेंगे सिलाई स्कूल
सहारनपुर। मां शाकंभरी विश्वविद्यालय, सहारनपुर और पीपल फॉर एग्रीकल्चर, रूरल डेवलपमेंट एंड इनोवेशन, विजन एंड रिसर्च सोसायटी (परिवार सोसायटी) के बीच ग्रामीण विकास, महिला कौशल विकास और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में दोनों संस्थाओं के पदाधिकारियों ने एमओयू पर हस्ताक्षर कर विभिन्न क्षेत्रों में मिलकर कार्य करने की प्रतिबद्धता जताई।
समझौते के तहत दोनों संस्थाएं ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास, आजीविका संवर्धन, उद्यमिता, कृषि, वित्तीय साक्षरता, शोध एवं नवाचार तथा सतत विकास से जुड़ी गतिविधियों में सहयोग करेंगी। इसके अलावा प्रशिक्षण कार्यक्रम, कार्यशालाएं, जागरूकता अभियान, सामाजिक सर्वेक्षण, क्षेत्रीय गतिविधियां और शोध कार्य भी संयुक्त रूप से किए जाएंगे।
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. विमला वाई. ने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा और शोध के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व को भी अपनी प्राथमिकताओं में शामिल करता है। ग्रामीण क्षेत्रों में कौशल विकास के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के अवसर उपलब्ध कराने वाली पहलें शिक्षा को समाज की वास्तविक जरूरतों से जोड़ने का प्रभावी माध्यम हैं।
एमओयू के तहत विश्वविद्यालय के पांच गोद लिए गए गांवों और सहारनपुर जनपद के 10 अन्य गांवों से चयनित कुल 15 महिलाओं को विश्वविद्यालय परिसर में नौ दिवसीय सिलाई का व्यावहारिक एवं रोजगारपरक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को कौशल प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के अवसर बढ़ाना है।
कार्यक्रम में मां शाकंभरी विश्वविद्यालय के कुलसचिव कमल कृष्ण और परिवार सोसायटी के संस्थापक एवं सचिव ललित त्यागी ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर शैक्षणिक समन्वयक प्रो. विनोद कुमार, पुस्तकालय समन्वयक डॉ. आर.के. गुप्ता और डीएसडब्ल्यू प्रो. सुरेंद्र कुमार मौजूद रहे।
