दारुल उलूम में राब्ता मदारिस की कार्यकारिणी बैठक : मदरसों की शिक्षा व्यवस्था बेहतर करने पर जोर
मोहतमिम नोमानी बोले- अभिलेख दुरुस्त रखें और नियमों का पालन करें, अरशद मदनी ने कहा- एकजुटता से हालात का करें मुकाबला
कल मस्जिद-ए-रशीद में होगी राब्ता की आम सभा, देशभर से पहुंचे उलमा
देवबंद। विश्व प्रसिद्ध इस्लामिक शिक्षण संस्था दारुल उलूम देवबंद में कुल हिंद राब्ता मदारिस-ए-इस्लामिया अरबिया और उसकी मजलिस-ए-आमला (कार्यकारिणी समिति) की अहम बैठक हुई। दारुल उलूम के मेहमानखाने में हुई बैठक में मदरसों की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने, सरकारी नियमों के अनुसार सभी अभिलेख दुरुस्त रखने और मौजूदा हालात का मिलजुल कर मुकाबला करने पर जोर दिया गया।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी ने कहा कि मदरसों की जिम्मेदारी सिर्फ दीनी तालीम तक महदूद नहीं है, बल्कि तलबा की बेहतर तरबियत और इदारों के निजाम को मजबूत बनाना भी बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि सभी मदरसे अपने दस्तावेज और अभिलेख मुकम्मल रखें, सरकारी नियमों का पूरी तरह पालन करें और तालीमी सरगर्मियों को मुनज्जम अंदाज में चलाएं।
राब्ता मदारिस-ए-इस्लामिया अरबिया के सदर मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि आज देश के मुसलमानों और उनके दीनी इदारों को मुख्तलिफ किस्म की मुश्किलात का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे नाजुक वक्त में आपसी इत्तेहाद, सब्र और मुसबत कोशिशों के साथ हालात का मुकाबला करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि राब्ता मदारिस के कायम करने का मकसद ही मदरसों को मुत्तहिद करना, उनकी तालीमी निजाम को बेहतर बनाना और इदारों के बीच तालमेल कायम करना है।
बैठक के दौरान देश के विभिन्न प्रांतों से आए उलमा और जिम्मेदार पदाधिकारियों ने मदरसों की कार्यप्रणाली और उनकी तालीमी रिपोर्टों पर तफसीली चर्चा की और अपने सुझाव रखे। सभी ने आपसी एकजुटता बनाए रखने का आह्वान किया।
कल होगी आम सभा
वहीं, कुल हिंद राब्ता मदारिस-ए-इस्लामिया की आम सभा को लेकर सभी तैयारियां मुकम्मल कर ली गई हैं। इसके लिए मुल्क के कोने-कोने से बड़े उलमा देवबंद पहुंचने लगे हैं। बताया जाता है कि राब्ता से देशभर के करीब पांच हजार मदरसे जुड़े हुए हैं। कल मंगलवार को दारुल उलूम की मस्जिद-ए-रशीद में आम सभा होगी, जिसमें मौजूदा परिस्थितियों और मदरसों में बेहतर शिक्षा व्यवस्था को लेकर अहम फैसले लिए जाने की उम्मीद है।
