खरगे के बयान पर भड़के राजनाथ सिंह, बोले- व्यक्तिगत मर्यादाओं का उल्लंघन न करे कांग्रेस
पीएम मोदी के दिवंगत पिता पर टिप्पणी को लेकर बढ़ा राजनीतिक विवाद, रक्षा मंत्री ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर उठाए सवाल
नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर की गई टिप्पणी पर राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कई वरिष्ठ नेताओं के बाद अब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी खरगे के बयान की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन किसी को भी व्यक्तिगत मर्यादाओं का उल्लंघन नहीं करना चाहिए।
राजनाथ सिंह ने आरोप लगाया कि खरगे की टिप्पणी से करोड़ों देशवासियों की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने कांग्रेस पर बयान को सही ठहराने का प्रयास करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी को अपनी गलती स्वीकार कर खेद व्यक्त करना चाहिए था।
पटना की सभा में खरगे की टिप्पणी से शुरू हुआ विवाद
दरअसल, रविवार को बिहार की राजधानी पटना में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मल्लिकार्जुन खरगे वोट चोरी के मुद्दे पर बोल रहे थे। इसी दौरान भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने कहा, “मोदी कहीं नहीं जाएंगे।” इस पर खरगे ने जवाब देते हुए कहा, “मोदी का बाप भी जाएगा।” उनकी इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया।
रिपोर्ट के मुताबिक, सभा में मौजूद लोगों ने इस व्यक्ति के साथ मारपीट की और उसे बाहर निकाल दिया। बाद में उसकी पहचान संतोष कुमार के रूप में हुई, जिसने खुद को कांग्रेस कार्यकर्ता बताया। उसने कहा कि गलतफहमी के कारण उसके साथ मारपीट हुई।
बीजेपी ने इस टिप्पणी को प्रधानमंत्री के परिवार का अपमान बताते हुए कांग्रेस पर हमला बोला है। पार्टी के नेताओं ने खरगे से माफी मांगने की मांग की है और विरोध प्रदर्शन का ऐलान भी किया है।
‘कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष से अधिक जिम्मेदारी की अपेक्षा’
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर खरगे की टिप्पणी से उन्हें गहरा दुख पहुंचा है। उन्होंने कहा कि यह टिप्पणी किसी सामान्य कार्यकर्ता ने नहीं, बल्कि देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने की है।
राजनाथ सिंह के मुताबिक, कांग्रेस अध्यक्ष के पद पर बैठे व्यक्ति से सार्वजनिक जीवन में गंभीरता, संयम और जिम्मेदार आचरण की अपेक्षा की जाती है। उन्होंने कहा कि इस तरह की भाषा न केवल पद की गरिमा के विपरीत है, बल्कि कांग्रेस की राजनीतिक संस्कृति पर भी सवाल खड़े करती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के कुछ नेता पहले भी प्रधानमंत्री की पारिवारिक पृष्ठभूमि और उनकी दिवंगत मां को लेकर विवादित टिप्पणियां कर चुके हैं। राजनाथ सिंह ने कहा कि अब इस तरह की राजनीति पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंच गई है।
‘राजनीतिक विरोध को व्यक्तिगत अपमान में न बदलें’
रक्षा मंत्री ने कहा कि वैचारिक विरोध को व्यक्तिगत अपमान में बदलना और राजनीतिक असहमति को अभद्र भाषा तक ले जाना उचित नहीं है। उन्होंने इसे कांग्रेस की हताशा और वैचारिक कमजोरी का संकेत बताया।
राजनाथ सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार की नीतियों पर सवाल उठाना, उसकी आलोचना करना और राजनीतिक विरोध करना पूरी तरह उचित है, लेकिन इसके लिए व्यक्तिगत मर्यादाओं का उल्लंघन नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इस तरह की टिप्पणियां केवल किसी व्यक्ति या परिवार को आहत नहीं करतीं, बल्कि भारतीय राजनीति की गरिमा को भी नुकसान पहुंचाती हैं।
बीजेपी के कई नेताओं ने भी साधा निशाना
खरगे के बयान को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित बीजेपी के कई नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष की आलोचना की है। बीजेपी ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व राजनीतिक विरोध में मर्यादाएं भूल रहा है।
वहीं, इस विवाद ने कांग्रेस और बीजेपी के बीच राजनीतिक टकराव को और तेज कर दिया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर दोनों दलों के बीच बयानबाजी बढ़ने की संभावना है।
