चंद्रयान-2 ने चांद के दक्षिणी ध्रुव पर बर्फ के संकेत खोजे, भविष्य के मिशनों को मिलेगी मदद

चंद्रयान-2 ने चांद के दक्षिणी ध्रुव पर बर्फ के संकेत खोजे, भविष्य के मिशनों को मिलेगी मदद

भारत के चंद्र मिशन चंद्रयान-2 ने अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की है। चंद्रयान-2 ऑर्बिटर ने चांद के दक्षिणी ध्रुव के पास सतह के नीचे वॉटर-आइस के मजबूत संकेत खोजे हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार यह खोज भविष्य के चंद्र अभियानों और लंबे समय तक मानव उपस्थिति की योजनाओं के लिए बेहद अहम हो सकती है।

यह अध्ययन चंद्रयान-2 में लगे डुअल फ्रीक्वेंसी सिंथेटिक अपर्चर रडार की मदद से किया गया। यह तकनीक चांद की सतह और उसके नीचे की संरचना को समझने में मदद करती है। दक्षिणी ध्रुव के ऐसे अंधेरे क्रेटर्स में बर्फ के संकेत मिले हैं जहां तापमान बेहद कम रहता है और सूरज की रोशनी लगभग नहीं पहुंचती।

मानव मिशन के लिए क्यों अहम है बर्फ

चांद पर मौजूद पानी की बर्फ भविष्य के मिशनों के लिए उपयोगी संसाधन साबित हो सकती है। इसे पीने के पानी, ऑक्सीजन और रॉकेट ईंधन में बदला जा सकता है। इससे पृथ्वी से भारी मात्रा में संसाधन ले जाने की जरूरत कम हो सकती है और चंद्रमा पर लंबे समय तक काम करने की संभावना मजबूत होगी।

चंद्रयान-2 का लैंडर भले ही 2019 में सफल लैंडिंग नहीं कर पाया था, लेकिन उसका ऑर्बिटर लगातार महत्वपूर्ण वैज्ञानिक डेटा भेज रहा है। चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग के बाद यह नई खोज भारत की अंतरिक्ष क्षमता को और मजबूत करती है।

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