Amit Shah का बड़ा दावा- अब सिर्फ एक शिवसेना, एकनाथ शिंदे ही उसके नेता
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने महाराष्ट्र के कोल्हापुर में बड़ा राजनीतिक संदेश देते हुए कहा कि अब शिवसेना में कोई गुट नहीं बचा है और सिर्फ एक ही शिवसेना है, जिसकी कमान एकनाथ शिंदे के हाथों में है। उन्होंने कहा कि पहले शिंदे के नेतृत्व वाले धड़े को अलग पहचान के साथ बुलाना पड़ता था, लेकिन अब वह पूरी तरह शिवसेना के रूप में स्थापित हो चुका है।
कोल्हापुर में धन्यवाद रैली में बोले अमित शाह
अमित शाह ने 20 जून को कोल्हापुर में आयोजित धन्यवाद रैली को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने माता अंबाबाई मंदिर में पूजा-अर्चना भी की और मंदिर के आधुनिकीकरण एवं सौंदर्यीकरण परियोजनाओं की आधारशिला रखी। उन्होंने कहा कि करवीर नगरी में स्थित माता अंबाबाई का मंदिर आस्था का बड़ा केंद्र है और महाराष्ट्र सरकार यहां मंदिर के जीर्णोद्धार तथा कॉरिडोर निर्माण का कार्य कर रही है।
शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकास भी, विरासत भी” के संकल्प के तहत महाराष्ट्र के ज्योतिर्लिंगों और शक्तिपीठों के संरक्षण और पुनर्विकास का काम तेज़ी से किया जा रहा है, जो राज्य के सांस्कृतिक गौरव को नई पहचान देगा।
उद्धव ठाकरे गुट में बढ़ी हलचल
अमित शाह का यह बयान ऐसे समय आया है, जब उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) में अंदरूनी संकट गहराता नजर आ रहा है। ‘ऑपरेशन टाइगर’ के तहत कई नेताओं और सांसदों के पार्टी छोड़कर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने की चर्चाएं तेज हैं।
हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित शिवसेना (UBT) के संसदीय दल की अनिवार्य बैठक में पार्टी के नौ लोकसभा सांसदों में से केवल तीन सांसद—अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राजभाऊ वाजे—ही मौजूद रहे। छह सांसदों की गैरमौजूदगी के बाद पार्टी नेतृत्व ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
लोकसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक अनिल देसाई ने अनुपस्थित सांसदों से 24 घंटे के भीतर लिखित स्पष्टीकरण मांगा है। नोटिस में साफ कहा गया है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर इसे पार्टी से स्वैच्छिक इस्तीफा माना जा सकता है और संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत दलबदल विरोधी कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।
