मायावती की यह बात अखिलेश यादव को नहीं आई रास, महिला आरक्षण के समर्थन पर BSP चीफ को सुना दिया
महिला आरक्षण बिल के गिरने के बाद देश में सियासत गरमाई हुई है. इस बीच नेताओं द्वारा एक-दूसरे पर पलटवार किया जा रहा है. महिला आरक्षण संशोधन विधेयक के लिए यूपी सरकार ने विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया था. बसपा सुप्रीमो मायावती ने इस सत्र की तारीफ की थी. इस पर अखिलेश यादव ने अब प्रतिक्रिया दी है.
सपा चीफ ने अखिलेश यादव कहा कि मायावती ने या तो यह बिल पढ़ा नहीं है या फिर बीजेपी ने उन्हें गुमराह कर दिया. इसलिए उन्होंने विशेष सत्र का स्वागत किया.अखिलेश यादव ने कहा कि महिला आरक्षण बिल कानून बन गया है. बीजेपी के नेता उसके कानून के खिलाफ कह रहे हैं. अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी सरकार देश की महिलाओं को आरक्षण देना ही नहीं चाहती है.
अखिलेश यादव ने बीजेपी पर साधा निशाना
अखिलेश यादव ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी इस कानून के खिलाफ बोलकर अंसवैधानिक काम कर रही है. उन्होंने कहा कि बीजेपी संसद में पास हो चुके कानून को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं तैयार नहीं है.
अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी ने 5 राज्यों के चुनाव के बीच संसद का विशेष सत्र महिला आरक्षण बिल के लिए बुलाया था. अखिलेश यादव ने आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी विपक्ष की पार्टियों के सांसदों को चुनाव से 4-5 दिन दूर रखना चाहती थी.
बीजेपी सरकार हर मोर्चे पर फेल- अखिलेश यादव
अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी सरकार हर मोर्चे पर फेल हो गई है. महंगाई, बेरोजगारी से जनता त्रस्त है. इस सरकार के पास कोई मुद्दा नहीं है तो महिला आरक्षण संशोधन बिल के साथ परिसीमन बिल लेकर आ गई. अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी सरकार लगातार आम जनता और लोगों के साथ साजिश कर रही है. कभी एप डाउन लोड करवा रही है, कभी कर्मचारियों से, कभी शिक्षकों से डेटा भरा रहे हैं. लेकिन जो जातीय जनगणना सबसे महत्वपूर्ण डेटा है, उसे नहीं करा रहे हैं.
उन्होंने कहा कि बीजेपी की सोच पुरातनपंथी, रूढ़िवादी और नकारात्मक है. ये महिलाओं को आरक्षण नहीं देना चाहते हैं. असली गिरगिट का काम बीजेपी कर रही है. महिला आरक्षण पर मुख्यमंत्री पहले क्या बोलते थे, अब क्या बोल रहे हैं. सभी ने देखा है. मुख्यमंत्री की भाषा गिरगिटी है. उनका पुराना बयान सुने और अब का बयान सुने तो पता चल जाएगा गिरगिट कौन है?
बीजेपी के धोखे का पर्दाफाश हो गया- अखिलेश यादव
अखिलेश यादव ने कहा कि संसद में बीजेपी की साजिश हार गई, इसलिए उत्तर प्रदेश विधानसभा में प्रस्ताव लेकर आए थे. उनके षडयंत्र का खुलासा हो गया. डिलिमिटेशन के खिलाफ सभी विपक्षी दल एक हो गए, जिससे बीजेपी के धोखे का पर्दाफाश हो गया.
अपनी हार को छिपाने के लिए बीजेपी महिलाओं को मुद्दा बनाना चाहती है. बीजेपी नारी वंदन का नारा बनाना चाहती है. महिला मुद्दा बनी रहे, नारी नारा बन जाए इसी साजिश और षडयंत्र के तहत सड़कों पर और सदन में झूठा प्रचार कर रहे है.
हरदोई दौरे को लेकर क्या बोले?
अपने हरदोई दौरे का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि परिवार ने अपने साथ हुए अन्याय को बताया. परिवार भी बेटी ने न्याय के लिए एसपी समेत सभी अधिकारियों के पास गई. जनसुनवाई में बात रखी, जनसुनवाई पोर्टल पर बात रखी लेकिन उसके बावजूद न्याय नहीं मिला. वर्चस्ववादी और बीजेपी के समर्थक लोगों ने उसकी हत्या कर दी.
उत्तर प्रदेश सरकार से उस परिवार को न्याय नहीं मिलेगा, इसलिए सीबीआई जांच हो. सरकार परिवार को आर्थिक मदद दे. परिवार की सुरक्षा का पूरा इंतजाम करे. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की ठोको नीति, बुलडोजर नीति, हड्डी पीस देने के वक्तव्य के कारण वाराणसी में आपसी झगड़े में मनीष की जान चली गई. मुख्यमंत्री के बयानों के कारण लोग कानून व्यवस्था हाथ में ले रहे है. इसकी दोषी बीजेपी सरकार है. प्रधान सांसद के वाराणसी में होने के बावजूद भी मनीष के परिवार को न्याय नहीं मिला.
स्मार्ट मीटर को लेकर क्या बोले अखिलेश
अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी सरकार ने बिजली व्यवस्था चौपट कर दिया है. स्मार्ट मीटर के जरिए जनता की जेब काटी जा रही है. जनता और महिलाएं आक्रोशित है. महिलाएं स्मार्ट मीटर लेकर प्रदर्शन के लिए निकल पड़ी है. बीजेपी गरीबों के पैसे निकालकर अमीरों की जेब भर रही है.
अखिलेश यादव ने कहा कि आजादी की लड़ाई में ये लोग जैसे अंडरग्राउण्ड रह कर अंग्रेजों के लिए काम करते थे. वैसे कुछ लोग बीजेपी के गुलाम बनकर उसके लिए लिखते हैं. उन्होंने कहा कि बीजेपी के लोग कह रहे थे कि हरदोई में कोई कारखाना नहीं लगाया गया, उनकी जानकारी के लिए बता दें कि पेप्सिको सबसे बड़ा कारखाना समाजवादी सरकार के माध्यम से हरदोई में लगा है. उस कारखाने में छोटा फैंटा नहीं बनता है, छोटा मिरिन्डा बनता है. पेप्सिको के सारे प्रोडक्ट बनते हैं.
