सामने आई INDIA गठबंधन की फूट! लेफ्ट ने पूछा- राहुल गांधी संसद में PM मोदी को गले लगा सकते हैं लेकिन पिनाराई विजयन को क्यों नहीं?

सामने आई INDIA गठबंधन की फूट! लेफ्ट ने पूछा- राहुल गांधी संसद में PM मोदी को गले लगा सकते हैं लेकिन पिनाराई विजयन को क्यों नहीं?

INDIA गठबंधन के अंदर से मतभेद फिर से सामने आ गए हैं। दरअसल, CPI(M) के जनरल सेक्रेटरी एमए बेबी ने राहुल गांधी और कांग्रेस को टारगेट करते हुए सवाल उठाया कि जब राहुल गांधी PM मोदी को गले लगा सकते हैं, तो फिर सियासी मतभेदों का हवाला देकर केरल के पूर्व सीएम पिनाराई विजयन से दूरी क्यों बनाते हैं। उन्होंने कांग्रेस नेताओं की तरफ से CPI(M) और LDF पर BJP से सीक्रेट डील के आरोप लगाने और विजयन को अरेस्ट करने की मांग उठाने को लेकर भी नाराजगी दिखाई। एमए बेबी बोले कि INDIA अलायंस को मजबूत बनाए रखने के लिए सभी सहयोगी पार्टियों को आत्ममंथन करने की जरूरत है।

राहुल गांधी ने क्यों की पिनाराई को अरेस्ट करने की मांग?

CPI(M) के जनरल सेक्रेटरी MA बेबी ने कहा, ‘CPI(M) ने INDIA गठबंधन की मीटिंग में कुछ मुद्दे उठाए हैं। केरल में विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और कांग्रेस के अन्य महत्वपूर्ण राष्ट्रीय स्तर के नेताओं ने बार-बार CPI(M) और LDF पर BJP के साथ सीक्रेट समझौता करने का आरोप लगाया। उन सभी ने यह भी कहा कि केरल के तत्कालीन मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन को अभी तक अरेस्ट क्यों नहीं किया गया।’

हमने INDIA गठबंधन के घटक दल के तौर पर काम किया लेकिन लड़ाई तो हमेशा RSS और BJP के खिलाफ थी। राहुल गांधी ने अपने भाषण में कहा कि सियासी मतभेदों की वजह से वह पिनाराई विजयन को गले नहीं लगा सकते। लेकिन सबके सामने, पार्लियामेंट में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गले लगाया था: एमए बेबी

INDIA गठबंधन के दलों को आत्ममंथन की जरूरत

MA बेबी ने सवाल उठाया कि एक ही INDIA गठबंधन का सदस्य होते हुए, राहुल गांधी, पिनाराई विजयन को अरेस्ट करने की मांग कैसे कर सकते हैं? मुझे लगता है कि INDIA अलायंस के हर घटक दल को आत्ममंथन और आत्म-आलोचना करने की जरूरत है ताकि INDIA गठबंधन को और मजबूत बनाया जा सके। गौरतलब है कि INDIA अलायंस की बैठक हाल में बीते 8 जून को नई दिल्ली में आयोजित की गई थी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की लीडरशिप में हुई इस मीटिंग में 25 विपक्षी पार्टियों के लगभग 50 नेता शामिल हुए थे।

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