‘डेटा की गलतियों के कारण असली वोटर लिस्ट से…’, तेलंगाना SIR पर ओवैसी ने जताई चिंता

‘डेटा की गलतियों के कारण असली वोटर लिस्ट से…’, तेलंगाना SIR पर ओवैसी ने जताई चिंता

AIMIM चीफ और लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी की ओर से उठाए गए मुख्य मुद्दों में से एक मुद्दा पहले की मैपिंग प्रक्रिया के दौरान इकट्ठा किए गए चुनावी डेटा के इस्तेमाल से जुड़ा है. ओवैसी ने तर्क दिया कि जिन वोटरों की जानकारी पहले ही सफलतापूर्वक मैच हो चुकी है, उनसे घर-घर जाकर जानकारी जुटाने की प्रक्रिया के दौरान वही जानकारी दोबारा नहीं मांगी जानी चाहिए.

उनके सुझाव के अनुसार, चुनाव अधिकारियों के पास मौजूद पहले से मैप किए गए डेटा को गिनती वाले फॉर्म में शामिल किया जा सकता है, जिससे वोटरों का कन्फ्यूजन कम होगा और बूथ लेवल अधिकारियों पर प्रशासनिक बोझ भी घटेगा.

फॉर्म में भाषा की सुलभता पर जताई चिंता

AIMIM प्रमुख ने गिनती वाले फॉर्म के सिर्फ तेलुगु में उपलब्ध होने पर भी आपत्ति जताई. उन्होंने मांग की कि फॉर्म अंग्रेजी और उर्दू में भी उपलब्ध कराए जाएं, क्योंकि उर्दू तेलंगाना की दूसरी आधिकारिक भाषा है और आबादी का एक बड़ा हिस्सा अंग्रेजी या उर्दू में पढ़ने और लिखने में ज़्यादा सहज महसूस करता है. उन्होंने तर्क दिया कि ज़्यादा लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने और वेरिफिकेशन प्रक्रिया के दौरान होने वाली अनावश्यक गलतियों को रोकने के लिए भाषा की सुलभता जरूरी है.

पुराने डेटा-एंट्री की गलतियों से हो सकती है विसंगतियां

एक और बड़ी चिंता चुनावी रिकॉर्ड में तथाकथित विसंगतियों की पहचान से जुड़ी है. ओवैसी ने उन मानदंडों पर सवाल उठाए जिनके तहत स्पेलिंग में अंतर, परिवारों के भीतर उम्र में अंतर, परिवार का बड़ा आकार या भाई-बहनों के जन्म के रिकॉर्ड में कम अंतर होने के कारण वोटरों को चिह्नित (flag) किया जा सकता है.

उन्होंने तर्क दिया कि ऐसी कई विसंगतियां पुराने डेटा-एंट्री की गलतियों के कारण हो सकती हैं और इनके आधार पर किसी वोटर की पात्रता पर अपने आप शक नहीं किया जाना चाहिए. उनके अनुसार, पहले की चुनावी प्रक्रियाओं के दौरान हुई गलतियों के कारण नागरिकों को लिस्ट से बाहर किए जाने का जोखिम नहीं उठाना चाहिए.

सत्यापन के लिए दस्तावेजों को लेकर क्या है परेशानी?

ओवैसी ने आगे मांग की कि वेरिफिकेशन के मकसद से पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और खाद्य सुरक्षा कार्ड जैसे अतिरिक्त दस्तावेज़ों को भी मान्य माना जाए. उन्होंने बताया कि चुनाव अधिकारियों द्वारा बताए गए कुछ दस्तावेज़ या तो तेलंगाना में जारी नहीं किए जाते हैं या राज्य में लागू नहीं होते हैं, जिससे वोटरों के पास अपनी पहचान साबित करने के लिए व्यावहारिक विकल्प कम रह जाते हैं.

सभी राजनीतिक दलों के एकजुट होने का किया आह्वान

इस बात पर जोर देते हुए कि वोटिंग आम नागरिकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक अधिकार है, ओवैसी ने सभी राजनीतिक दलों से इस मुद्दे पर सक्रिय रूप से जुड़ने का आह्वान किया. उन्होंने तर्क दिया कि इस प्रक्रिया का मकसद चुनावी ईमानदारी को मजबूत करना होना चाहिए. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई भी असली वोटर तकनीकी, प्रक्रियात्मक या प्रशासनिक कमियों के कारण लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने का मौका न खोएं.

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