घर पर छापेमारी के बाद भड़के अभिषेक बनर्जी, बोले- मुझसे नहीं, जांच एजेंसियों से पूछिए; 4 घंटे चली तलाशी

घर पर छापेमारी के बाद भड़के अभिषेक बनर्जी, बोले- मुझसे नहीं, जांच एजेंसियों से पूछिए; 4 घंटे चली तलाशी

तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी के कोलकाता स्थित आवास पर शनिवार तड़के पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों की टीम पहुंची, जिसके बाद वहां करीब चार घंटे तक तलाशी अभियान चला. इस दौरान जब मीडिया ने उनके निजी सहायक सुमित रॉय को लेकर सवाल पूछे तो अभिषेक बनर्जी नाराज नजर आए और उन्होंने साफ कहा कि उनसे नहीं, बल्कि जांच एजेंसियों से सवाल किए जाएं. उनकी यह प्रतिक्रिया अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है.

सुबह 3 बजे पहुंची पुलिस और केंद्रीय बलों की टीम

जानकारी के मुताबिक, पश्चिम मेदिनीपुर के सालबनी थाने की पुलिस टीम कोलकाता पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ तड़के करीब 3 बजे अभिषेक बनर्जी के कालीघाट स्थित घर पहुंची. टीम ने करीब चार घंटे तक घर की तलाशी ली.

निजी सहायक सुमित रॉय की तलाश में छापेमारी

बताया जा रहा है कि पुलिस अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक सुमित रॉय की तलाश में पहुंची थी. उन पर कथित वित्तीय धोखाधड़ी के एक मामले में जांच चल रही है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनका मोबाइल फोन आखिरी बार अभिषेक बनर्जी के आवास के आसपास ट्रेस हुआ था, जिसके आधार पर तलाशी अभियान चलाया गया.

मीडिया के सवालों पर नाराज दिखे अभिषेक

तलाशी के बाद जब पत्रकारों ने सुमित रॉय के बारे में सवाल पूछे तो अभिषेक बनर्जी ने नाराजगी जाहिर की. उन्होंने कहा, ‘मैं जांच एजेंसी का प्रतिनिधि नहीं हूं. पूरे घर की तलाशी ली गई है, जो अधिकारी जांच कर रहे हैं, जवाब वही देंगे.’ उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

लगाया जबरन घर में घुसने का आरोप

अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके घर का ताला तोड़कर जबरन प्रवेश किया और तलाशी ली. उन्होंने कहा कि पूरे ऑपरेशन के दौरान केंद्रीय सुरक्षा बल भी तैनात थे.

ममता बनर्जी भी पहुंचीं आवास

तलाशी की जानकारी मिलते ही पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी भी अभिषेक बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पहुंचीं और कुछ समय तक वहीं रहीं. इस दौरान पार्टी के कई नेता भी मौके पर मौजूद रहे.

टीएमसी ने बताया राजनीतिक बदले की कार्रवाई

टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने इस कार्रवाई को बीजेपी का पुराना तरीका बताते हुए कहा कि सरकार जांच एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए कर रही है. वहीं टीएमसी नेता सागरिका घोष ने दावा किया कि तलाशी के दौरान कुछ भी बरामद नहीं हुआ और यह केवल राजनीतिक प्रतिशोध और मानसिक उत्पीड़न की कोशिश है.

पहले से पार्टी के भीतर भी घिरे हैं अभिषेक

अभिषेक बनर्जी पिछले कुछ समय से पार्टी के भीतर भी आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं. टीएमसी के कई नेता, जिनमें ममता बनर्जी के करीबी नेता भी शामिल हैं, उनके नेतृत्व को लेकर सवाल उठा चुके हैं. ऐसे समय में उनके घर हुई यह छापेमारी राजनीतिक हलकों में नई चर्चा का विषय बन गई है.

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