अखिलेश यादव ने की ममता बनर्जी के काफिले पर हमले की निंदा, बोले- लोकतंत्र में ऐसी घटनाएं दुर्भाग्यपूर्ण
नई दिल्ली : तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के काफिले पर हुए कथित हमले को लेकर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस घटना को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए इसकी निंदा की।
अखिलेश यादव ने कहा कि लोकतंत्र में किसी वरिष्ठ नेता के साथ इस तरह की घटना होना बेहद दुखद और चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी एक अनुभवी नेता हैं और राज्य की मुख्यमंत्री रह चुकी हैं। ऐसे में उनके साथ हुए दुर्व्यवहार को किसी भी स्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता।
सपा प्रमुख ने कहा कि यदि इस घटना के पीछे सरकार की कोई भूमिका है तो यह और भी गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि सरकारें आती-जाती रहती हैं, लेकिन किसी निर्वाचित जनप्रतिनिधि या पूर्व मुख्यमंत्री का अपमान लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अच्छा संकेत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी वरिष्ठ नेता की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
इस दौरान अखिलेश यादव ने विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (FCRA) को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि देश से कितना धन विदेशों में जा रहा है। उनके अनुसार, बाहर से आने वाले धन पर तो प्रतिबंध लगाए जाते हैं, लेकिन देश का पैसा विदेश जाने पर उतनी सख्ती नहीं दिखाई देती। उन्होंने आरोप लगाया कि एफसीआरए का इस्तेमाल कुछ वर्गों को संदेश देने और उन्हें परेशान करने के लिए किया जा रहा है।
दरअसल, 9 अगस्त को पश्चिम बंगाल के हलीसहर में कथित पुलिस हिरासत में मृत एक टीएमसी कार्यकर्ता के परिवार से मिलने जा रही ममता बनर्जी को विरोध प्रदर्शन का सामना करना पड़ा। रास्ते में कुछ लोगों ने उनके काफिले को रोक लिया और विरोध जताया। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने उनकी गाड़ी पर कीचड़ फेंका, जूते-चप्पल उछाले और नारेबाजी की।
घटना के बाद Mamata Banerjee ने इसके लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को जिम्मेदार ठहराया। उनका कहना है कि यह विरोध स्थानीय ग्रामीणों का नहीं बल्कि भाजपा समर्थित तत्वों द्वारा आयोजित किया गया था। वहीं भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए घटना की निंदा की और खुद को इससे अलग बताया।
