PM मोदी के बाद अमित शाह की राष्ट्रपति से मुलाकात, कैबिनेट फेरबदल की अटकलें तेज
केंद्रीय मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल की चर्चाओं के बीच केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब दो दिन पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी राष्ट्रपति से मिले थे। लगातार हो रही इन बैठकों ने राजनीतिक गलियारों में कैबिनेट विस्तार और फेरबदल की अटकलों को और हवा दे दी है।
राष्ट्रपति सचिवालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अमित शाह और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मुलाकात की तस्वीर साझा करते हुए जानकारी दी कि केंद्रीय गृह मंत्री ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति से शिष्टाचार भेंट की। हालांकि मुलाकात के एजेंडे को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन इसे संभावित मंत्रिमंडलीय बदलावों से जोड़कर देखा जा रहा है।
दरअसल, हाल के दिनों में भाजपा ने कुछ केंद्रीय मंत्रियों को राज्यसभा के लिए दोबारा नामित नहीं किया है, जबकि कुछ नेताओं को संगठन में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इससे केंद्र सरकार में बदलाव की संभावनाओं को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
केरल के वरिष्ठ भाजपा नेता जॉर्ज कुरियन ने हाल ही में राज्यसभा सदस्य के रूप में अपना कार्यकाल पूरा होने के बाद केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया। वह अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री के साथ-साथ मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय में भी राज्य मंत्री के रूप में कार्यरत थे। भाजपा ने उन्हें राज्यसभा के लिए दोबारा नामित नहीं किया, जिसके बाद उनका कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो गया।
इसी तरह रेल राज्य मंत्री और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को भी पार्टी ने राज्यसभा के लिए पुनः उम्मीदवार नहीं बनाया। उनका राज्यसभा कार्यकाल भी 21 जून को समाप्त हो गया। इन घटनाक्रमों को भी संभावित कैबिनेट फेरबदल से जोड़कर देखा जा रहा है।
वहीं, कुछ केंद्रीय मंत्रियों को पार्टी संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं। भाजपा ने हाल ही में केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा को दिल्ली भाजपा का अध्यक्ष नियुक्त किया है। इससे पहले वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी को उत्तर प्रदेश भाजपा की कमान सौंपी गई थी। संगठन और सरकार में हो रहे इन बदलावों ने मंत्रिमंडल में नए समीकरण बनने की संभावनाओं को मजबूत किया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह की राष्ट्रपति से हालिया मुलाकातों, कुछ मंत्रियों के कार्यकाल समाप्त होने और संगठनात्मक फेरबदल को देखते हुए केंद्र सरकार में जल्द ही बदलाव देखने को मिल सकते हैं। हालांकि, इस संबंध में अभी तक सरकार या भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
