राम मंदिर चढ़ावा मामले की SIT जांच पर शंकराचार्य ने उठाए सवाल, चंदा लेने के आरोपों को बताया निराधार

राम मंदिर चढ़ावा मामले की SIT जांच पर शंकराचार्य ने उठाए सवाल, चंदा लेने के आरोपों को बताया निराधार

मुरादाबाद पहुंचे ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने राम मंदिर चढ़ावा मामले में चल रही एसआईटी जांच की गति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जांच को लेकर बार-बार समय सीमा बढ़ाई जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस निष्कर्ष सामने नहीं आया है। साथ ही उन्होंने अपने ऊपर लगाए जा रहे चंदा संग्रह के आरोपों को भी सिरे से खारिज कर दिया।

गौ माता समष्टि यात्रा के तहत मुरादाबाद पहुंचे शंकराचार्य ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पहले जांच के लिए तीन दिन का समय दिया गया, फिर सात दिन और उसके बाद 15 दिन की बात कही गई, लेकिन अभी तक रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि इस तरह की देरी से लोगों के मन में सवाल पैदा होते हैं और जांच को अनावश्यक रूप से लंबा नहीं खींचा जाना चाहिए।

चंदा लेने के आरोपों पर दी खुली चुनौती

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अपने खिलाफ लगाए जा रहे चंदा लेने के आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति यह दावा करता है कि उन्होंने गांव-गांव जाकर चंदा एकत्र किया है, तो वह संबंधित गांव का नाम बताए और प्रमाण प्रस्तुत करे।

उन्होंने कहा कि यदि कोई आरोप साबित कर देता है तो वह हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार हैं। शंकराचार्य ने कहा कि बिना साक्ष्य के लगाए जा रहे आरोप केवल भ्रम फैलाने का प्रयास हैं।

गौ माता को ‘माता’ का दर्जा देने की मांग दोहराई

इस दौरान शंकराचार्य ने गौ संरक्षण को लेकर भी अपनी मांग दोहराई। उन्होंने बताया कि उनकी ‘गौ माता समष्टि यात्रा’ 3 मई को गोरखपुर से शुरू हुई थी, जिसका उद्देश्य गौ संरक्षण और जागरूकता फैलाना है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचेगी।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने दावा किया कि लाखों लोग गौ रक्षा का संकल्प ले चुके हैं। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों से मांग की कि गाय को केवल एक पशु के रूप में नहीं, बल्कि ‘गौ माता’ के रूप में आधिकारिक मान्यता दी जाए और उसके संरक्षण के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।

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