मुंबई से दिल्ली, फिर नेपाल भागने का था प्लान… अब पुलिस की गिरफ्त में टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग करने वाले शूटर्स

मुंबई से दिल्ली, फिर नेपाल भागने का था प्लान… अब पुलिस की गिरफ्त में टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग करने वाले शूटर्स

बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर मुंबई के जुहू इलाके में हुई फायरिंग के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। गोलीबारी में शामिल होने के संदेह में तीन आरोपियों को राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन से पकड़ा गया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों में एक रैपिडो ड्राइवर, एक मजदूर और एक नाबालिग शामिल है। तीनों ट्रेन से दिल्ली जा रहे थे और वहां से नेपाल भागने की तैयारी में थे। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपियों को 50 हजार रुपये एडवांस दिए गए थे। अब मुंबई पुलिस उनसे पूछताछ कर हमले के पीछे की वजह और अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने में जुटी है।

नेपाल भागने की फिराक में थे आरोपी

कोटा की पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम के मुताबिक, पुलिस को रविवार रात मुंबई में हुई फायरिंग के संदिग्धों के ट्रेन से यात्रा करने की सूचना मिली थी। जानकारी मिलने के बाद कोटा पुलिस ने रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था सक्रिय की और प्लेटफॉर्म सहित बाहर निकलने के रास्तों पर निगरानी बढ़ा दी।

पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए ट्रेन की तलाशी ली और तीनों संदिग्धों को हिरासत में ले लिया। अधिकारियों के मुताबिक, प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि आरोपियों की योजना पहले दिल्ली पहुंचने और फिर नेपाल भागने की थी।

गिरफ्तार किए गए संदिग्धों में हरियाणा के सोनीपत का रेहान उर्फ सुक्का, बिहार के बेगूसराय का ऋतिक कुर्मी उर्फ रोशन और एक नाबालिग शामिल है। पुलिस के अनुसार, ऋतिक पिछले कुछ वर्षों से मुंबई में रह रहा था, जबकि रेहान सोनीपत में मजदूरी करता था।

कोटा पुलिस ने बताया कि आरोपियों को आगे की जांच के लिए मुंबई पुलिस को सौंपने की प्रक्रिया की जा रही है।

फायरिंग के लिए मिले थे 50 हजार रुपये एडवांस

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, तीनों आरोपियों को कथित तौर पर गोलीबारी की वारदात को अंजाम देने के लिए कुल 50 हजार रुपये एडवांस दिए गए थे। जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि किस आरोपी की क्या भूमिका थी और क्या तीनों ने सीधे गोलीबारी में हिस्सा लिया था।

पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि हमले की साजिश किसने रची, आरोपियों को हथियार कहां से मिले और उन्हें अभिनेता की गतिविधियों की जानकारी किसने दी थी।

फिलहाल, हमले के पीछे की वजह और कथित तौर पर आरोपियों को निर्देश देने वाले लोगों के संबंध में जांच जारी है।

कैसे हुई टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग?

जानकारी के मुताबिक, रविवार रात अभिनेता टाइगर श्रॉफ मुंबई के जुहू इलाके में एक फुटबॉल क्लब से निकल रहे थे। वह अपनी कार की अगली सीट पर बैठे थे और बंद शीशों के पीछे से प्रशंसकों का अभिवादन कर रहे थे। इसी दौरान उनकी कार पर गोलियां चलाई गईं।

घटना से जुड़े सामने आए वीडियो में कथित तौर पर एक व्यक्ति कार के सामने से दोनों हाथों में हथियार पकड़कर फायरिंग करता दिखाई देता है। वहीं, टोपी पहने एक अन्य व्यक्ति कार के किनारे से गोली चलाता नजर आता है।

मौके पर एक बाइक सवार भी मौजूद था। गोलीबारी के बाद आरोपी उसी बाइक से फरार हो गए। पुलिस अब घटनास्थल के वीडियो और अन्य सबूतों के आधार पर वारदात में शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

बाइक छोड़कर लोकल ट्रेन से निकले आरोपी

पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी अपनी बाइक अंधेरी वेस्ट स्टेशन के पास छोड़कर वहां से बोरीवली जाने वाली लोकल ट्रेन में सवार हो गए।

इसके बाद उन्होंने दूसरे साधनों से अपनी यात्रा जारी रखी और ट्रेन से दिल्ली जाने की योजना बनाई। पुलिस का दावा है कि वे दिल्ली से नेपाल भागने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन कोटा रेलवे स्टेशन पर ही उन्हें पकड़ लिया गया।

जांच एजेंसियां अब आरोपियों के यात्रा मार्ग, संपर्कों और वारदात से पहले तथा बाद में हुई गतिविधियों की पड़ताल कर रही हैं।

बाल-बाल बचे टाइगर श्रॉफ, दो अन्य लोगों के घायल होने की सूचना

फायरिंग की घटना में टाइगर श्रॉफ सुरक्षित बच गए। हालांकि, सामने आई जानकारी के मुताबिक, कांच के टुकड़े और बारूद लगने से उनके बाएं हाथ में मामूली चोटें आईं। घटना में उनके ड्राइवर और पास में मौजूद एक ऑटो-रिक्शा चालक के घायल होने की भी सूचना है।

गोलीबारी के बाद मुंबई में सुरक्षा व्यवस्था और फिल्मी हस्तियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।

एकनाथ शिंदे ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी

घटना के बाद महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने टाइगर श्रॉफ से मुलाकात की। उन्होंने मुंबई में गैंगवार और आपराधिक गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं करने की बात कही और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया।

इस मामले में अब तीन संदिग्धों की गिरफ्तारी के बाद जांच का फोकस हमले की साजिश, आर्थिक लेनदेन, हथियारों की व्यवस्था और संभावित अन्य सहयोगियों की पहचान पर है। पुलिस पूछताछ के बाद ही वारदात से जुड़े सभी पहलुओं की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।

Leave a Reply