‘देश का शिक्षा तंत्र ध्वस्त हो चुका है’, Gen-Z से बोले राहुल गांधी- छात्रों का आंदोलन इसी के खिलाफ

‘देश का शिक्षा तंत्र ध्वस्त हो चुका है’, Gen-Z से बोले राहुल गांधी- छात्रों का आंदोलन इसी के खिलाफ

नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने देश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि देश का शिक्षा तंत्र पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है और छात्रों की ओर से किया जा रहा आंदोलन मौजूदा शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की मांग को लेकर है।

राहुल गांधी ने इंस्टाग्राम पर Gen-Z और छात्रों की ओर से पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए कहा कि देशभर में युवा और छात्र शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह पहले देहरादून और कोटा में भी इस मुद्दे को उठा चुके हैं और अब प्रयागराज में छात्रों के बीच भी इसी विषय पर बात करेंगे।

‘शिक्षा बेहद महंगी हो गई है’

राहुल गांधी ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था गंभीर संकट से गुजर रही है और शिक्षा लगातार महंगी होती जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकारों को छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से सुनना चाहिए और व्यवस्था में जरूरी सुधार करने चाहिए।

उन्होंने कहा कि चाहे कांग्रेस की सरकार हो, केंद्र की सरकार हो या झारखंड जैसे किसी राज्य की सरकार, हर सरकार की जिम्मेदारी है कि वह छात्रों की बात सुने और शिक्षा व्यवस्था में आवश्यक बदलाव करे।

BJP ने राहुल गांधी पर साधा निशाना

राहुल गांधी के बयान पर बीजेपी ने पलटवार किया है। एक दिन पहले भाजपा सांसद और पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने राहुल गांधी पर युवाओं को राजनीतिक उद्देश्य के लिए इस्तेमाल करने और कथित तौर पर ‘झूठा नैरेटिव’ तैयार करने का आरोप लगाया था।

संबित पात्रा ने कहा था कि राहुल गांधी युवाओं के कंधे पर बंदूक रखकर राजनीति करना चाहते हैं और समाज में विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।

छात्र प्रदर्शन और संसद मार्च का मुद्दा

राहुल गांधी ने हाल ही में छात्र प्रदर्शनकारियों से मुलाकात के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा था। उन्होंने आरोप लगाया था कि छात्रों के खिलाफ हुई कथित हिंसा के मुद्दे पर गृह मंत्री संसद में जवाब देने से बच रहे हैं।

यह मामला उन छात्र प्रदर्शनों से जुड़ा है, जिनमें प्रदर्शनकारी कथित पेपर लीक मामले को लेकर तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। छात्रों ने 20 जुलाई को संसद मार्च भी किया था, जिसके दौरान पुलिस कार्रवाई का आरोप लगाया गया था।

‘20 जुलाई को कोई गोली नहीं चली’

राहुल गांधी के आरोपों पर संबित पात्रा ने सफाई देते हुए कहा था कि 20 जुलाई के ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान किसी तरह की गोलीबारी नहीं हुई थी।

उन्होंने कहा, “मैं पूरी जिम्मेदारी के साथ दोबारा स्पष्ट करना चाहता हूं कि उस दिन कोई गोली नहीं चली।”

इस मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। वहीं, छात्र शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रक्रिया और अपनी मांगों को लेकर लगातार आवाज उठा रहे हैं।

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