मोहन भागवत के आरक्षण वाले बयान पर चंद्रशेखर का हमला, अखिलेश का जिक्र कर पूछा- ‘क्या वो सक्षम नहीं थे?’

मोहन भागवत के आरक्षण वाले बयान पर चंद्रशेखर का हमला, अखिलेश का जिक्र कर पूछा- ‘क्या वो सक्षम नहीं थे?’

नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत के आरक्षण को लेकर दिए बयान पर उत्तर प्रदेश के नगीना से लोकसभा सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सामाजिक न्याय और जातिगत जनगणना के मुद्दे पर सवाल उठाते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का भी जिक्र किया।

चंद्रशेखर आजाद ने सवाल उठाया कि जातिगत जनगणना आखिर कब कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों पर अब लंबी लड़ाई लड़नी होगी। इसी दौरान उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री की कुर्सी को गंगाजल से धुलवाने की घटना का जिक्र करते हुए सवाल किया, “क्या वो सक्षम नहीं थे?”

‘अधिकारों के सामने धर्म का मुद्दा खड़ा कर दिया’

चंद्रशेखर आजाद ने मंडल आयोग की सिफारिशों और कमंडल की राजनीति का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 1990 में एक तरफ मंडल आयोग की सिफारिशों को लागू किया गया, वहीं दूसरी ओर कमंडल की राजनीति शुरू हो गई।

उन्होंने सवाल किया कि कमंडल की यात्रा किसने शुरू की। चंद्रशेखर के मुताबिक, जब लोगों ने अपने अधिकारों और हिस्सेदारी की बात उठाई तो उनके सामने धर्म का मुद्दा खड़ा कर दिया गया।

‘मंडल आयोग की एक फीसदी सिफारिश भी पूरी तरह लागू नहीं’

नगीना सांसद ने दावा किया कि मंडल आयोग की सिफारिशों को अब तक पूरी तरह लागू नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि लोगों को जितना मिला, उसी में संतुष्ट कर दिया गया, जबकि सामाजिक और आर्थिक हिस्सेदारी का सवाल अभी भी कायम है।

चंद्रशेखर आजाद ने सरकार से मंडल आयोग की सभी सिफारिशों को लागू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ऐसा नहीं कर सकती तो उसे सत्ता छोड़ देनी चाहिए।

EWS आरक्षण पर भी उठाए सवाल

चंद्रशेखर ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए दिए गए आरक्षण का भी जिक्र किया। उन्होंने सवाल उठाया कि जो लोग आरक्षण व्यवस्था का विरोध करते हैं, वे खुद आरक्षण का लाभ क्यों लेते हैं और फिर इसी व्यवस्था की आलोचना क्यों करते हैं।

उन्होंने कहा कि आरक्षण केवल किसी एक वर्ग का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह प्रतिनिधित्व और सामाजिक अधिकारों से जुड़ा सवाल है। चंद्रशेखर ने कहा कि सामाजिक न्याय की लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है और इसके लिए संघर्ष जारी रहेगा।

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