महाशिवरात्रि पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का दिव्य घोष वादन

महाशिवरात्रि पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का दिव्य घोष वादन
सहारनपुर में भूतेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में आरएसएस का दिव्य घोष वंदन कार्यक्रम का दृश्य।

सहारनपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सहारनपुर महानगर के तत्वावधान में महाशिवरात्रि के पावन पर्व के उपलक्ष में ऐतिहासिक भूतेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में एक भव्य एवं अनुशासित घोष वादन कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें प्रातः पूर्ण गणवेश में सुसज्जित संघ के स्वयंसेवकों ने अनुशासित पंक्तिबद्ध होकर जब घोष वादन का शुभारंभ किया, तो संपूर्ण मंदिर प्रांगण भक्तिमय एवं ओजस्वी स्वर लहरियों से गुंजायमान हो उठा।

क्षेत्र शारीरिक शिक्षण प्रमुख नरेश विकल ने जानकारी देते हुए बताया कि  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में घोष (बैंड) विभाग की विधिवत शुरुआत वर्ष 1927 में विजयादशमी के अवसर पर हुई थी। नागपुर से प्रारंभ हुई इस परंपरा को समय के साथ-साथ अत्यधिक समृद्ध किया गया, जिसमें भारतीय शास्त्रीय संगीत के रागों पर आधारित विशिष्ट रचनाओं का समावेश किया गया। उन्होंने बताया कि संघ घोष में प्रयोग होने वाले वाद्ययंत्रों के नाम भारतीय एवं संस्कृत परंपरा पर आधारित हैं, जैसे आनक (ड्रम), पणव (साइड ड्रम), वंश (बांसुरी), शृंग (बिगुल/ बगुल), और झाल (सिम्बल)। उन्होंने बताया कि संघ में घोष केवल संगीत या प्रदर्शन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह स्वयंसेवकों में सामूहिक तालमेल, एकाग्रता, आज्ञापालन और शारीरिक व मानसिक अनुशासन विकसित करने की एक साधना है।

श्री विकल ने बताया कि संघ की घोष रचनाएं (जैसे शिवरंजनी, कल्याणी, तिलंग आदि रागों पर आधारित) मन में सात्विक भाव, वीर रस और देशभक्ति की ऊर्जा का संचार करती हैं। मंदिर पहुंचे श्रद्धालुओं ने घोष वादन को महाशिवरात्रि के अवसर पर आध्यात्मिक ऊर्जा और उत्साह से भर देने वाला अनुभव बताया। कार्यक्रम में महानगर सायं प्रचारक आयुष, देवेंद्र, हरीश, विपिन जैन, आशीष, भारत भूषण, शेखर, विपिन सलूजा सहित संघ के वरिष्ठ अधिकारी, प्रबुद्ध नागरिक एवं भारी संख्या में स्वयंसेवक उपस्थित रहे।

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