परिसीमन बिल के समर्थन को लेकर सुप्रिया सुले ने न तो नकारा, न ही स्वीकार किया, कहा- नया बिल जब तक नहीं आ जाता तब तक हम कुछ नहीं कह सकते
संसद के आगामी मॉनसून सत्र में केंद्र सरकार द्वारा परिसीमन बिल लाए जाने की संभावना है। इस बीच, ये चर्चा जोरों पर है कि शरद पवार की पार्टी NCP-SP बिल को समर्थन देने वाली है। इन अटकलों पर NCP-SP की वरिष्ठ नेता और सांसद सुप्रिया सुले ने प्रेस कॉन्फ्रेस कर पार्टी रुख साफ किया है।
सुप्रिया सुले ने कहा, “पार्टी की भूमिका के संदर्भ में जो खबरें दिखाई जा रही हैं, वह सूत्रों के हवाले से है। पार्टी की ओर से कोई भी आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है। नया बिल जब तक नहीं आ जाता, तब तक हम कुछ नहीं कह सकते।” उन्होंने कहा, “महिला आरक्षण विधेयक को हमने पूर्ण बहुमत के साथ पास किया है।”
“लोकसंख्या के आधार पर परिसीमन होता है, तो…”
उन्होंने ने कहा, “लोकसंख्या के आधार पर अगर परिसीमन होता है, तो यह दक्षिण भारत के राज्यों पर अन्याय हो सकता है। अमित शाह और किरेन रिजिजू की ओर से हर राज्य में 50 प्रतिशत फॉर्मूला का प्रस्ताव रखा गया था। इस फॉर्मूला से महाराष्ट्र में 48 से बढ़कर 72 सीटें हो जाएंगी।”
उन्होंने कहा, “हमें पहले कांग्रेस फिर बीजेपी में मर्ज किया, अब तो सिर्फ मनसे ही बचा है। हमारे किसी भी नेता ने कभी एनडीए में शामिल होने के बारे में नहीं कहा। और NDA में हम शामिल नहीं होंगे।”
पवार गुट में टूट की अटकलें, NCP-SP के पास 8 सांसद
इससे पहले, सूत्रों के हवाले से जानकारी सामने आई थी कि डीलिमिटेशन संशोधन विधेयक में देश में 50 प्रतिशत सीटें बढ़ाने का फैसला होने पर शरद पवार की पार्टी बिल को समर्थन देगी। अमित शाह के साथ हुई सर्वदलीय बैठक में शाह द्वारा इस प्रकार का प्रस्ताव लाने पर चर्चा हुई थी। सूत्रों के हवाले जानकारी सामने आई कि शरद पवार गुट के भीतर एक धड़ा सरकार के साथ जाने की मांग कर रहा है। ऐसे में पार्टी को टूट से बचाने के लिए सिर्फ बिल को समर्थन देने की रणनीति अपनाई है। शरद पवार की पार्टी के पास कुल 8 लोकसभा सांसद हैं। सूत्रों का कहना है कि परिसीमन बिल पर सरकार के आग्रह पर शरद पवार की पार्टी तैयार हो गई है।
