शेयर बाजार लगातार दूसरे दिन कमजोर, सेंसेक्स 141 अंक गिरकर बंद
भारतीय शेयर बाजार में 27 मई को लगातार दूसरे कारोबारी दिन कमजोरी देखने को मिली। दिनभर के उतार-चढ़ाव के बाद BSE Sensex 141.90 अंक गिरकर 75,867.80 पर बंद हुआ। वहीं Nifty 50 भी 6.55 अंक की हल्की गिरावट के साथ 23,907.15 के स्तर पर बंद हुआ। बाजार में निवेशकों का रुख सतर्क दिखाई दिया।
कारोबार के दौरान कई सेक्टरों में दबाव और चुनिंदा शेयरों में खरीदारी दोनों देखने को मिली। वैश्विक संकेत, पश्चिम एशिया की स्थिति, कच्चे तेल की कीमतों से जुड़े अनुमान और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां बाजार की चाल को प्रभावित कर सकती हैं। घरेलू स्तर पर निवेशक कंपनियों के नतीजों, महंगाई के संकेतों और नीति से जुड़ी खबरों पर नजर बनाए हुए हैं।
निवेशकों में सतर्कता
लगातार दूसरे दिन कमजोरी के बाद निवेशक अब यह देख रहे हैं कि बाजार में गिरावट अस्थायी मुनाफावसूली है या किसी बड़े रुझान की शुरुआत। निफ्टी अभी भी महत्वपूर्ण स्तरों के आसपास कारोबार कर रहा है। ऐसे में आने वाले सत्रों में बाजार की दिशा बैंकिंग, IT, मेटल, ऑटो और ऊर्जा शेयरों की चाल पर निर्भर कर सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार अल्पकालिक निवेशकों को तेज उतार-चढ़ाव में सावधानी बरतनी चाहिए। केवल खबरों के आधार पर जल्दबाजी में खरीद-बिक्री करने के बजाय मजबूत कंपनियों, वैल्यूएशन और जोखिम क्षमता को ध्यान में रखना जरूरी है।
वैश्विक संकेतों पर रहेगी नजर
भारतीय बाजार अब वैश्विक बाजारों की दिशा, डॉलर इंडेक्स, कच्चे तेल और भू-राजनीतिक तनाव जैसे संकेतों पर नजर रखेगा। अगर बाहरी दबाव बढ़ता है, तो बाजार में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। वहीं सकारात्मक वैश्विक संकेत और घरेलू संस्थागत खरीदारी बाजार को सहारा दे सकती है।
लंबी अवधि के निवेशकों के लिए बाजार की गिरावट हमेशा घबराहट का कारण नहीं होती, लेकिन जोखिम प्रबंधन जरूरी है। निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो की समीक्षा करनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ सलाह के साथ रणनीति बनानी चाहिए।
