शोभित विश्वविद्यालय के डीन प्रो. डॉ. रणजीत सिंह को मिलेगा ‘फार्मा रत्न’ सम्मान

शोभित विश्वविद्यालय के डीन प्रो. डॉ. रणजीत सिंह को मिलेगा ‘फार्मा रत्न’ सम्मान

27 अक्टूबर को नई दिल्ली में फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया करेगी सम्मानित, फार्मेसी शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए हुआ चयन

गंगोह, 16 अक्टूबर। शोभित विश्वविद्यालय, गंगोह के डीन, हेल्थ साइंसेज प्रो. (डॉ.) रणजीत सिंह को फार्मेसी शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान, समर्पण और उल्लेखनीय सेवाओं के लिए प्रतिष्ठित ‘फार्मा रत्न’ सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान 27 अक्टूबर 2026, मंगलवार को नई दिल्ली स्थित फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) के कार्यालय में आयोजित समारोह में प्रदान किया जाएगा। समारोह में देशभर के प्रख्यात शिक्षाविदों और फार्मा उद्योग से जुड़ी हस्तियों के शामिल होने की संभावना है।

प्रो. (डॉ.) रणजीत सिंह का इस सम्मान के लिए उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश, दोनों राज्यों से नामांकन होना उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों और फार्मेसी शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को दर्शाता है। उन्होंने फार्मेसी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं व्यावसायिक विकास और इस क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में उल्लेखनीय प्रयास किए हैं।

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और विद्यार्थियों के विकास पर जोर

‘फार्मा रत्न’ सम्मान के लिए चयनित होने पर प्रो. (डॉ.) रणजीत सिंह ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए चुना जाना उनके लिए गर्व का विषय है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए शोभित विश्वविद्यालय के कुलाधिपति, कुलपति और समस्त विश्वविद्यालय परिवार के प्रति आभार व्यक्त किया।

उन्होंने फार्मेसी शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं व्यावसायिक मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी व्यक्त की।

विश्वविद्यालय परिवार ने दी बधाई

इस उपलब्धि पर शोभित विश्वविद्यालय, गंगोह के कुलपति प्रो. (डॉ.) बूटा सिंह सिद्धू और कुलसचिव प्रो. (डॉ.) महिपाल सिंह ने प्रो. (डॉ.) रणजीत सिंह को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

कुलपति प्रो. (डॉ.) बूटा सिंह सिद्धू ने कहा कि फार्मेसी शिक्षा के क्षेत्र में इस प्रकार का प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त होना विश्वविद्यालय के लिए गर्व की बात है। यह उपलब्धि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नवाचार और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों को प्रोत्साहित करती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रो. (डॉ.) रणजीत सिंह भविष्य में भी फार्मेसी शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में अपने अनुभव एवं ज्ञान से महत्वपूर्ण योगदान देते रहेंगे।

वहीं, कुलसचिव प्रो. (डॉ.) महिपाल सिंह ने कहा कि प्रो. (डॉ.) रणजीत सिंह का दो राज्यों से नामांकन उनकी शैक्षणिक सेवाओं, कार्यक्षमता और फार्मेसी शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। यह सम्मान विश्वविद्यालय के लिए भी गौरवपूर्ण उपलब्धि है।

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