नौवें दिन भी जारी रहा आशा कार्यकत्रियों का धरना, 30 हजार मानदेय और राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की मांग
सीएमओ कार्यालय पर कार्यबहिष्कार कर जताया विरोध, आशाओं ने कहा- अब आश्वासन नहीं, मांगों पर ठोस कार्रवाई चाहिए
सहारनपुर, 16 अक्टूबर। निर्धारित मानदेय और राज्य कर्मचारी का दर्जा दिए जाने समेत विभिन्न मांगों को लेकर आशा कार्यकत्रियों का आंदोलन लगातार नौवें दिन भी जारी रहा। शुक्रवार को संयुक्त आशा संगठन के बैनर तले बड़ी संख्या में आशा कार्यकत्रियों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यबहिष्कार कर सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई और मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया।
मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा संघर्ष
संयुक्त आशा संगठन की जिलाध्यक्ष कमलेश सैनी के नेतृत्व में आयोजित धरने में आशा कार्यकत्रियों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को घर-घर तक पहुंचाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। गर्भवती महिलाओं की देखभाल, टीकाकरण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य और विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन में आशाएं लगातार कार्य कर रही हैं। इसके बावजूद उन्हें पर्याप्त मानदेय और कर्मचारी के रूप में अधिकार नहीं मिल पा रहे हैं।
प्रदर्शनकारी महिलाओं ने सरकार से आशा कार्यकत्रियों को 30 हजार रुपये प्रतिमाह निर्धारित मानदेय देने और राज्य कर्मचारी का दर्जा प्रदान करने की मांग की। इसके अलावा प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर तैनात चिकित्सा अधिकारियों के स्थानांतरण तथा जिला स्तर पर आशा कार्यकत्रियों के कथित शोषण पर रोक लगाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।
अब केवल आश्वासन से नहीं मानेंगी आशाएं
धरने को संबोधित करते हुए ललतेश, मिथिलेश और नेहा ने कहा कि आशा कार्यकत्रियां अपने अधिकारों के लिए हर स्तर पर संघर्ष करने को तैयार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से उनकी समस्याओं की अनदेखी की जा रही है। अब केवल आश्वासन देकर आंदोलन समाप्त नहीं कराया जा सकता।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक राज्य कर्मचारी का दर्जा देने और निर्धारित मानदेय की घोषणा नहीं की जाती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। आशा कार्यकत्रियों का किसी भी स्तर पर शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
धरने में लता, ललतेश, मिथिलेश, नेहा, भावना, पूनम देवपुरा, सुदेश संगाठेड़ा, ममता भनेड़ा, पिंकी मोहरा, सुनीता, बॉबी, प्रवीण, रविता, कविता, सीमा, ओमलता, मोनिका, राजकी देवी, प्रीति शर्मा, रीना, काजल, मौसम देवी, उर्मिला, गीता, रचना धारहेड़ा, मीनाक्षी महेश्वरी, दीपमाला, सुषमा, बबली, सोनिया, बेबी, बबीता, पुनीता, बलवंती, शारदा, सरिता, माला, सताक्षी, रेखा, उषा, सविता, सुलेखा, संगीता, सुमन, प्रेमा, राधा, विमला, रीता, नीलम, अर्चना, निशा, कौशल, नीलू, ललिता, आलिया, रुकसाना, राजवती, मीरा, माया, राखी, पूजा, प्रवेश, शीतल, दीपा और सुरजला सहित बड़ी संख्या में आशा कार्यकत्रियां मौजूद रहीं।
