रामलीला मंचन: धू-धू कर जली रावण की सोने की लंका, जय श्रीराम के जयघोष से गूंजे मैदान

रामलीला मंचन: धू-धू कर जली रावण की सोने की लंका, जय श्रीराम के जयघोष से गूंजे मैदान
सहारनपुर में रामलीला मंचन के दौरान अशोक वाटिका और लंका दहन की लीला प्रस्तुत करते कलाकार।

हनुमान जी के पराक्रम और प्रभु श्रीराम की भक्ति ने मोहा मन, अशोक वाटिका से लंका दहन तक के प्रसंगों का हुआ भव्य मंचन

सहारनपुर, 16 अक्टूबर। महानगर में विभिन्न रामलीला समितियों की ओर से अशोक वाटिका, हनुमान जी की वीरता और लंका दहन की लीलाओं का भव्य मंचन किया गया। कलाकारों ने माता सीता की खोज, अशोक वाटिका में हनुमान जी की रावण के सैनिकों से मुठभेड़, रावण दरबार में उनकी निर्भीकता और सोने की लंका जलने के प्रसंगों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। लीला के दौरान रामलीला मैदान जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठे। देर रात तक श्रद्धालु मंचन का आनंद लेते रहे।

गांधी पार्क में हुआ लंका दहन का मंचन

श्री राधा कृष्ण मंदिर क्लब के तत्वावधान में गांधी पार्क में लंका दहन की लीला का सफल मंचन किया गया। कलाकारों ने हनुमान जी के अद्भुत पराक्रम और प्रभु श्रीराम के प्रति उनकी अटूट भक्ति को मंच पर जीवंत कर दिया। लंका दहन के दृश्य देखकर दर्शकों ने जय श्रीराम के जयकारे लगाए।

वहीं, श्री आशुतोष रामलीला समिति के 15वें श्रीरामलीला एवं दशहरा महोत्सव में अशोक वाटिका और लंका दहन की लीला का आकर्षक मंचन किया गया। इस दौरान लायंस क्लब मयूर के जोन चेयरमैन राजीव सचदेवा, हैंड्स टू केयर के अध्यक्ष परम बत्रा और नगर विधायक राजीव गुम्बर उपस्थित रहे।

गोविंद नगर में 56वें लंका दहन प्रसंग का मंचन

गोविंद नगर, रामनगर स्थित रामलीला मैदान में भारतीय कला मंच रामलीला सभा (रजिस्टर्ड) की ओर से 56वें लंका दहन एवं अशोक वाटिका प्रसंग का मंचन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन नगर निगम के उपसभापति मुकेश गक्खड़ ने फीता काटकर किया। इसके बाद उन्होंने प्रभु श्रीराम की आरती की।

कलाकारों ने अशोक वाटिका में माता सीता और हनुमान जी की भेंट से लेकर लंका दहन तक के प्रसंगों को भावपूर्ण अभिनय के माध्यम से प्रस्तुत किया। मंचन के दौरान श्रद्धालु भक्ति भाव में डूबे नजर आए। कार्यक्रम का मंच संचालन वरुण शर्मा ने किया।

गोपाल नगर में अंगद-रावण संवाद ने बांधा समां

गोपाल नगर नुमाइश कैंप में सुपर क्लब के तत्वावधान में आयोजित 33वें रामलीला एवं दशहरा महोत्सव में लंका दहन के बाद अंगद-रावण संवाद की प्रभावशाली लीला का मंचन किया गया।

कलाकारों ने सशक्त अभिनय और ओजपूर्ण संवादों के माध्यम से भगवान श्रीराम की धर्मनीति, रावण के अहंकार तथा सत्य और असत्य के संघर्ष को जीवंत कर दिया। अंगद और रावण के बीच हुए संवादों ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।

महानगर के विभिन्न रामलीला स्थलों पर आयोजित इन कार्यक्रमों ने श्रद्धालुओं को धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ा। जय श्रीराम के जयघोष के बीच रामलीला मैदानों में देर रात तक उत्साह और भक्ति का माहौल बना रहा।

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