CJP नेताओं की गिरफ्तारी पर राहुल गांधी-केजरीवाल का समर्थन, अभिजीत दीपके ने कहा- शुक्रिया!
नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल समेत कई विपक्षी नेताओं ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। अब CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने इन नेताओं की प्रतिक्रियाओं पर आभार जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर नेताओं की पोस्ट रीपोस्ट कर उन्हें धन्यवाद दिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा।
दीपके ने महाराष्ट्र के नागपुर से दिल्ली लौटते समय कांग्रेस नेता राहुल गांधी, आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन समेत कई नेताओं के बयानों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे और लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा को भी समर्थन के लिए धन्यवाद दिया।
राहुल गांधी को अभिजीत दीपके ने क्यों कहा शुक्रिया?
कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने CJP नेताओं की हिरासत को लेकर प्रतिक्रिया दी थी। इसके जवाब में अभिजीत दीपके ने उन्हें धन्यवाद देते हुए लिखा, ”आशुतोष और सौरव दास की गैर-कानूनी गिरफ्तारी के खिलाफ आवाज उठाने के लिए धन्यवाद, राहुल गांधी सर।”
इसी तरह दीपके ने अरविंद केजरीवाल और अन्य विपक्षी नेताओं की पोस्ट को रीपोस्ट कर उनका आभार जताया। CJP नेताओं की हिरासत के बाद विपक्षी दलों की ओर से लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इस घटनाक्रम ने तिरंगा फहराने, विरोध प्रदर्शन और लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर राजनीतिक बहस तेज कर दी है।
पीएम मोदी के लिए अभिजीत दीपके का वीडियो संदेश
CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने एक वीडियो संदेश जारी कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। वीडियो में उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अब राष्ट्रीय ध्वज फहराना भी अपराध बन गया है?
दीपके ने कहा कि सौरव दास और आशुतोष रांका को पता था कि जंतर-मंतर जाने पर उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है, फिर भी वे वहां पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार में विरोध की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है।
प्रधानमंत्री को संबोधित करते हुए दीपके ने कहा कि यदि सरकार विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं देना चाहती, तो उसे खुले तौर पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने सरकार की कार्रवाई की तुलना आपातकाल जैसे हालात से करते हुए आरोप लगाया कि पुलिस के पीछे छिपकर विरोध करने वालों पर कार्रवाई की जा रही है।
CJP ने अपने आधिकारिक बयान में क्या कहा?
CJP के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से जारी बयान में भी नेताओं की हिरासत पर सवाल उठाए गए। पार्टी ने कहा कि आने वाली पीढ़ियां जब इस घटनाक्रम की तस्वीरें देखेंगी, तो उनके मन में सवाल उठेगा कि पुलिस लोगों को तिरंगा फहराने से क्यों रोक रही थी।
बयान में कहा गया कि राष्ट्रीय ध्वज फहराने वालों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किए जाने से लोकतंत्र पर सवाल खड़े होते हैं। पार्टी ने इसे तानाशाही की शुरुआत बताते हुए सरकार की कार्रवाई की आलोचना की।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से शुरू हुआ विवाद
दरअसल, दिल्ली पुलिस की ओर से जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाए जाने के बाद CJP के तीन सदस्य 13 अक्टूबर को वहां पहुंचे थे। आरोप है कि उन्होंने बैरिकेडिंग पार कर प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश किया और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी की।
इसके बाद पुलिस ने तीनों को हिरासत में लेकर मामला दर्ज किया। 14 अक्टूबर को सुनवाई के बाद आशुतोष रांका और सौरव दास को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया, जबकि तीसरे सदस्य अजिंक्य शिंदे को सशर्त रिहा किए जाने की जानकारी सामने आई।
अब इस मामले में राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल और अन्य विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रियाओं के बाद CJP ने भी अपनी आवाज तेज कर दी है। आने वाले दिनों में यह विवाद राजनीतिक और कानूनी, दोनों स्तरों पर चर्चा में बना रह सकता है।
