CJP नेताओं की गिरफ्तारी पर भड़कीं आतिशी, बोलीं- मोदी जी, यह इमरजेंसी से भी बुरा!

CJP नेताओं की गिरफ्तारी पर भड़कीं आतिशी, बोलीं- मोदी जी, यह इमरजेंसी से भी बुरा!

नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद दिल्ली की राजनीति गरमा गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं ने इस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की नेता आतिशी ने भी इस मामले में तीखी प्रतिक्रिया देते हुए मौजूदा हालात की तुलना आपातकाल से की है।

आतिशी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि भारतीय तिरंगा फहराने के मामले में CJP नेताओं को पांच दिन के लिए जेल भेजना हैरान करने वाला है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए लिखा, ”मोदी जी, ये तो इमरजेंसी से भी ज्यादा बुरा है!”

संजय सिंह ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना

CJP नेताओं की हिरासत को लेकर आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भी केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या भारत में ब्रिटिश राज चल रहा है? संजय सिंह ने आरोप लगाया कि आशुतोष रांका और सौरव दास को तिरंगा फहराने और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाने के कारण जेल भेजा गया है।

संजय सिंह ने अपने पोस्ट में युवाओं को लेकर केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि उन्हें युवाओं से टकराव मोल नहीं लेना चाहिए। उन्होंने इस कार्रवाई को तानाशाही करार दिया। इससे पहले AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने भी दोनों नेताओं को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने पर सवाल उठाए और इसे तानाशाही बताया।

आखिर क्यों हिरासत में भेजे गए CJP नेता?

दरअसल, दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने 11 अक्टूबर 2026 को आदेश जारी कर जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया था। इसके बावजूद CJP के तीन सदस्य 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर पहुंच गए। आरोप है कि उन्होंने बैरिकेडिंग और बंद लोहे के गेटों को पार कर प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश किया और वहां तिरंगा लेकर नारेबाजी की।

घटना के बाद पुलिस ने तीनों सदस्यों को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने उनके खिलाफ अनधिकृत प्रवेश और प्रतिबंधात्मक आदेशों के उल्लंघन से संबंधित मामला दर्ज किया। इसके बाद उन्हें स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) के समक्ष पेश किया गया।

आशुतोष रांका और सौरव दास पांच दिन की न्यायिक हिरासत में

मामले की सुनवाई के बाद SEM कोर्ट ने आशुतोष रांका और सौरव दास को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। वहीं, तीसरे सदस्य अजिंक्य शिंदे को सशर्त रिहा कर दिया गया। शिंदे को पांच हजार रुपये का बेल बॉन्ड भरने और छह महीने तक अशांति नहीं फैलाने की शर्त का पालन करने का निर्देश दिया गया।

CJP की अगली रणनीति पर नजर

दो नेताओं की हिरासत के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी के नेता इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बता रहे हैं, जबकि पुलिस की कार्रवाई प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश और आदेशों के उल्लंघन के आरोपों से जुड़ी है।

CJP ने भी अपने नेताओं की हिरासत के बाद आगे की रणनीति तय करने के लिए बैठक करने की बात कही है। अब इस मामले में पार्टी के अगले कदम और राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाओं पर नजर रहेगी।

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