पुलिस के दम पर विपक्ष और युवाओं की आवाज दबा रही सरकार: हाजी फजलुर्रहमान

पुलिस के दम पर विपक्ष और युवाओं की आवाज दबा रही सरकार: हाजी फजलुर्रहमान

एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त के मुद्दे पर पूर्व सांसद ने केंद्र सरकार को घेरा, बोले- लोकतांत्रिक विरोध को दबाना संविधान की भावना के खिलाफ

देवबंद। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद हाजी फजलुर्रहमान ने एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त के मुद्दे पर केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए आरोप लगाया कि सरकार पुलिस और प्रशासन के बल पर विपक्ष तथा युवाओं की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है, लेकिन सरकार जनभावनाओं को सुनने के बजाय विरोध करने वालों के खिलाफ दमनकारी रवैया अपना रही है।

पूर्व सांसद बीती रात कासिमपुरा रोड स्थित सपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री कारी राव साजिद के आवास पर आयोजित बैठक में कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि दिल्ली सहित देश के विभिन्न हिस्सों में युवा और विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे तथा विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को वापस लेने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। आरोप लगाया कि सरकार इन मांगों पर गंभीरता से विचार करने के बजाय विपक्षी नेताओं को घरों में नजरबंद कर उनकी आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।

लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बर्दाश्त नहीं: पूर्व सांसद

हाजी फजलुर्रहमान ने कहा कि असहमति और विरोध लोकतंत्र का अभिन्न हिस्सा हैं। जनता के सवालों का जवाब देना सरकार की जिम्मेदारी है, न कि विरोध करने वालों को पुलिस के बल पर रोकना। उन्होंने भाजपा सरकारों पर लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि सरकार वास्तव में संविधान और लोकतंत्र के प्रति गंभीर है तो उसे युवाओं की मांगों को सुनना चाहिए।

उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाने वाले युवाओं और विपक्षी नेताओं के प्रति सरकार का रवैया चिंताजनक है। जनता की आवाज को दबाने के बजाय संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान निकाला जाना चाहिए।

इस अवसर पर कलीम कुरैशी, सोनू कुरैशी, इकबाल अंसारी, फिरोज गौड़, काशिफ सिद्दीकी, मजहर जब्बार, जावेद खान और मोहम्मद उस्मान सहित अनेक सपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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