अमेठी में आज सपा के 3 बागी विधायक भाजपा में होंगे शामिल, स्मृति ईरानी समेत कई दिग्गज नेता रहेंगे मौजूद
अमेठी। विधान सभा चुनाव 2027 से पहले ही प्रदेश की राजनीति में अवध और बुंदेलखंड क्षेत्र के तीन विधायक गौरीगंज के मैदान में एक साथ भाजपा का दामन थमने को तैयार हैं। बुधवार को जिले के गौरीगंज में विधायक राकेश प्रताप सिंह आवास मंगलम के सामने केसरिया रंग में रंगे मैदान में राजनीति की नई कहानी भी लिखी जाएगी।
जिले में अपनी तरह का यह पहला राजनीतिक कार्यक्रम होगा। जिसमें दूसरे जिलों के विधायक भी एक दल से दूसरे दल में शामिल होने के लिए अपने समर्थकों के साथ गौरीगंज आ रहे हैं। कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के साथ पार्टी के दूसरे कई बड़े नेता भी मंच पर बदलाव के साक्षी बनने के लिए मौजूद रहेंगे।
समर्थकों की भीड़ के बीच तीन बार सपा से गौरीगंज विधायक राकेश प्रताप सिंह, अयोध्या के गोसाईगंज के विधायक अभय प्रताप सिंह और जालौन के कालपी विधानसभा क्षेत्र से विधायक विनोद चतुर्वेदी औपचारिक रूप से भाजपा की सदस्यता ग्रहण करेंगे। इस राजनीतिक फेरबदल को अवध और बुंदेलखंड के क्षेत्रीय समीकरणों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
सपा के टिकट पर जीते थे तीनों विधायक
2022 के विधान सभा चुनाव में ये तीनों ही विधायक राकेश प्रताप सिंह, अभय प्रताप सिंह और विनोद चतुर्वेदी सपा के टिकट पर चुनाव जीतकर सदन पहुंचे थे। ऐसे में सपा छोड़कर भाजपा का दामन थामना इन क्षेत्रों में पार्टी की जमीन को कितना मजबूत करेगा। यह आने वाले समय में देखने वाली बात होगी। अभी तो इसे सपा को बड़ा झटका व भाजपा को बढ़त के रूप में ही देखा जा रहा है।
हर किसी की है गौरीगंज की राजनीतिक गतिविधि पर नजर
गौरीगंज विधानसभा में हो रहे इस राजनीतिक घटनाक्रम ने 2027 के चुनाव को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों और आम जनता के बीच इस बात की तेज चर्चा है कि गौरीगंज के इतिहास में यह अब तक का सबसे रोचक और रोमांचक चुनाव साबित हो सकता है।
वहीं कार्यक्रम को भव्य व यादगार बनाने के लिए गौरीगंज विधायक राकेश प्रताप सिंह व उनकी टीम के साथ ही भाजपा ने भी अपनी पूरी ताकत लगा रखी है। गौरीगंज में चल रही राजनीतिक गतिविधि पर हर किसी की नजर है।
सपा के साथ कांग्रेस को भी संदेश देने की कोशिश
2024 में मिली हार को आने वाले समय में जीत में बदलने के साथ ही इस कार्यक्रम के बहाने भाजपा सपा के साथ ही कांग्रेस को भी बड़ा राजनीतिक संदेश देना चाहती है कि अमेठी अब कांग्रेस नहीं भाजपा की है और आगे भी रहेगी।
