देवबंद में पालिका की सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण का आरोप, कोर्ट में मामला विचाराधीन फिर भी जारी है काम
सभासद ने पालिका की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल, नोटिस जारी होने के बावजूद नहीं रुका निर्माण; एसडीएम ने दिए जांच के निर्देश
देवबंद। नगर के वार्ड नंबर आठ स्थित मोहल्ला शाहजीलाल में नगर पालिका परिषद की सरकारी भूमि पर कथित अवैध निर्माण का मामला सामने आने से पालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि जिस भूमि को लेकर वर्ष 2021 से सिविल कोर्ट में मामला विचाराधीन है, उस पर पिछले कई दिनों से निर्माण कार्य कराया जा रहा है। शिकायत के बाद नगर पालिका की ओर से नोटिस जारी किए जाने के बावजूद निर्माण कार्य नहीं रुकने से स्थानीय लोगों में नाराजगी है।
जानकारी के मुताबिक मोहल्ला शाहजीलाल में नीले गेट के समीप स्थित उक्त भूमि नगर पालिका परिषद की बताई जा रही है। पूर्व में इस स्थान पर चुंगी वसूली का कार्य होता था। वर्तमान में इस भूमि को लेकर एक व्यक्ति और नगर पालिका परिषद के बीच सिविल न्यायालय में वाद चल रहा है। आरोप है कि न्यायालय में प्रकरण लंबित होने के बावजूद संबंधित भूमि पर निर्माण कराया जा रहा है।
नोटिस के बाद भी जारी निर्माण, सभासद ने उठाए सवाल
वार्ड सभासद औसाफ सिद्दीकी ने बताया कि मोहल्लेवासियों ने उन्हें सूचना दी थी कि विवादित भूमि पर पिछले कई दिनों से निर्माण कार्य चल रहा है। इसकी जानकारी उन्होंने तत्काल नगर पालिका के संबंधित अधिकारियों को दी। शिकायत के बाद निर्माण रुकवाने के लिए नोटिस भी जारी कराया गया, लेकिन इसके बावजूद मौके पर काम जारी है।
सभासद ने पालिका प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब भूमि नगर पालिका की है और मामला न्यायालय में विचाराधीन है, तो निर्माण रोकने के लिए प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाए जा रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या पालिका की कार्रवाई केवल नोटिस जारी करने और कागजी औपचारिकताओं तक ही सीमित रह गई है।
एसडीएम बोले- जांच कराकर होगी नियमानुसार कार्रवाई
उधर, मामला प्रशासन के संज्ञान में पहुंचने के बाद एसडीएम विजय प्रताप सिंह ने जांच कराने की बात कही है। उन्होंने बताया कि प्रकरण की जानकारी मिली है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
अब देखना यह होगा कि नगर पालिका प्रशासन अपनी कथित सरकारी भूमि पर हो रहे निर्माण को लेकर क्या कदम उठाता है और प्रशासनिक जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं।
