पीवीवीएनएल के एमडी ने की छापेमारी, 12 हजार घरों में चेकिंग, 15 करोड़ की बिजली चोरी पकड़ी

 

पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पीवीवीएनएल) की रविवार सुबह की छापामारी बिजली चोरों पर भारी पड़ी। कंपनी के एमडी के नेतृत्व में 14 जिलों में 12,267 घरों की चेकिंग में 4882 घरों में 15 करोड़ से ज्यादा की बिजली चोरी पकड़ी गई।

पीवीवीएनएल एमडी आशुतोष निरंजन ने इस मॉर्निंग रेड (सुबह का छापा) का खाका तीन दिन पहले ही खींच दिया था। वे पूरी प्लानिंग करके अधीनस्थों को तैयार रहने का आदेश देकर लखनऊ बैठक में चले गए थे। रविवार सुबह लखनऊ मेल से हापुड़ रेलवे स्टेशन उतरे तो वहीं से टीम के साथ अभियान की शुरुआत कर दी। उन्होंने दर्जनों जगह पर बिजली चोरी पकड़ी। यहां से मेरठ पहुंचकर नौचंदी थाना क्षेत्र में ताबड़तोड़ छापामारी कराई।

बाकि टीमों ने पूर्वा जैदी रोड, पूर्वा इलाही बख्श, भगवतपुरा, खत्ता रोड, जली कोठी, मकबरा, गुदड़ी बाजार, भूसा मंडी आदि क्षेत्रों में चेकिंग कर 572 घरों में बिजली चोरी पकड़ी। ये सभी सीधे केबल डालकर बिजली चोरी कर रहे थे। इनमें चोरी की बिजली से 24 ई-रिक्शा चार्ज होते मिले। दो वाटर प्लांटों और एक डेयरी में भी बिजली चोरी होती मिली। सभी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है।

पुलिस-प्रशासन ने दिया साथ

एमडी आशुतोष निरंजन ने बिजली चोरी पकड़ने के लिए सभी जिलों के डीएम और एसएसपी को पत्र लिखकर मदद मांगी थी। पुलिस-प्रशासन से पूरी मदद भी मिली। पुलिस टीम को देखकर किसी की भी बिजली विभाग के अधिकारियों से अभद्रता करने की हिम्मत नहीं हो सकी।

इन जिलों में छापामारी

मेरठ, हापुड़, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, मुरादाबाद, रामपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, सहारनपुर, शामली, अमरोहा, बागपत, संभल।

बिजली चोरी बड़ा अपराध

पीवीवीएनएल एमडी, मेरठ आशुतोष निरंजन ने बताया बिजली चोरी करना बड़ा अपराध है। राष्ट्रहित में कोई भी उपभोक्ता बिजली चोरी न करे। सीधे केबल से बिजली चोरी करने वाले देर रात या सवेरे में ही पकड़ में आ सकते हैं इसलिए मॉर्निंग रेड डाली गई। पुलिस-प्रशासन और विभागीय अधिकारियों के सहयोग से छापामार अभियान सफल रहा।

 
 

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