‘उद्धव ठाकरे ने एक बार फिर पद…’, अंबादास दानवे के प्रत्याशी बनने पर बोलीं प्रियंका चतुर्वेदी
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और शिवसेना (यूबीटी) नेता उद्धव ठाकरे के विधान परिषद का चुनाव लड़ने के अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन पार्टी की ओर से अंबादास दानवे को प्रत्याशी बनाया गया है. उद्धव ठाकरे के इस फैसले पर पूर्व राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने उनकी तारीफ की है. उन्होंने उद्धव का पद का लालची न होना करार दिया है.
प्रियंका चतुर्वेदी ने अंबादास दानवे को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद कहा कि पार्टी नेता उद्धव ठाकरे ने एक बार फिर पद से चिपके न रहने का अपना रुख साफ कर दिया है. जब विधायकों ने विश्वासघात किया, तो उन्होंने मुख्यमंत्री पद पर बने रहने के बजाय उसे त्याग दिया और सरकारी आवास भी खाली कर दिया.
उद्धव ठाकरे की तारीफ में क्या बोलीं प्रियंका चतुर्वेदी?
उन्होंने आगे कहा कि आज एक बार फिर महाविकास अघाड़ी की एकमात्र विधानसभा सीट के लिए सभी दलों के सर्वसम्मत समर्थन के बावजूद उन्होंने स्वयं चुनाव लड़ने के बजाय पार्टी की बुलंद आवाज अंबदास दानवे को उम्मीदवार बनाया है. प्रियंका चतुर्वेदी ने आगे कहा कि सत्ता का अर्थ सिर्फ खुद को महत्व देना या नेता का दर्जा प्राप्त करना नहीं है, बल्कि इसका अर्थ है सही समय पर दूसरों को सत्ता सौंपने की बुद्धि रखना.
शिवसेना (यूबीटी) ने अंबादास दानवे को बनाया प्रत्याशी
आगामी विधान परिषद चुनाव के लिए महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के उम्मीदवार को लेकर कई हफ्तों से चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए शिवसेना (यूबीटी) ने बुधवार (29 अप्रैल) को अंबादास दानवे को अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित कर दिया. इसकी जानकारी विधायक आदित्य ठाकरे ने दी.
उन्होंने कहा कि पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे पर खुद चुनाव लड़ने का काफी दबाव था, लेकिन अंबादास दानवे को उम्मीदवार बनाने का अंतिम फैसला स्वयं उद्धव ठाकरे ने लिया. आदित्य ठाकरे ने पत्रकारों से कहा कि अंबादास दानवे महाविकास अघाड़ी के आधिकारिक उम्मीदवार होंगे. यह फैसला शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने लिया है.
सहयोगी दल चाहते थे उद्धव ठाकरे लड़ें चुनाव
इससे पहले महाविकास अघाड़ी के सहयोगी दल चाहते थे कि उद्धव ठाकरे खुद इस सीट से चुनाव लड़ें. खासतौर पर एनसीपी (एसपी) की नेता सुप्रिया सुले ने सार्वजनिक रूप से उद्धव ठाकरे से विधान परिषद में एमवीए का प्रतिनिधित्व करने की अपील की थी. वहीं कांग्रेस ने भी उद्धव ठाकरे के नामांकन को समर्थन देने की घोषणा की थी.
हालांकि इन सुझावों को दरकिनार करते हुए शिवसेना (यूबीटी) ने अंबादास दानवे के नाम पर ही मुहर लगाई. दानवे पहले विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष रह चुके हैं. राज्यसभा सांसद संजय राउत ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अंबादास दानवे के नाम की पुष्टि की. राउत ने बताया कि अंबादास दानवे गुरुवार को सुबह 11 बजे अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे.
