अलीगढ़ में सपा कार्यकर्ताओं पर पुलिसकर्मी ने तानी पिस्तौल? अखिलेश यादव का हमला- ‘विश्वविद्यालय हमेशा आक्रांताओं ने तोड़े’

अलीगढ़ में सपा कार्यकर्ताओं पर पुलिसकर्मी ने तानी पिस्तौल? अखिलेश यादव का हमला- ‘विश्वविद्यालय हमेशा आक्रांताओं ने तोड़े’

नई दिल्ली। अलीगढ़ में समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के दौरान एक पुलिसकर्मी द्वारा कथित तौर पर पिस्तौल निकालने का मामला राजनीतिक विवाद का कारण बन गया है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने घटना का वीडियो साझा करते हुए पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोला और शिक्षा तथा विश्वविद्यालयों के महत्व का जिक्र करते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी।

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें अलीगढ़ में सपा कार्यकर्ता रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय को कथित ध्वस्तीकरण से बचाने की मांग को लेकर प्रदर्शन करते दिखाई दे रहे हैं। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान जब सपा महानगर अध्यक्ष मोहसिन मेवाती और अन्य कार्यकर्ता पुतला दहन करने का प्रयास कर रहे थे, तभी एक पुलिसकर्मी ने अपनी पिस्तौल निकाल ली। इसके बाद मौके पर तनाव का माहौल बन गया और प्रदर्शनकारियों ने विरोध जताया।

वीडियो साझा करते हुए अखिलेश यादव ने लिखा, “पिस्तौल निकालने वाले ये भूल गए कि अगर उनकी पढ़ाई बीच में रुक जाती, तो ये पुलिस की नौकरी इनके हाथ न आती। विश्वविद्यालय हमेशा आक्रांताओं ने तोड़े हैं, और कुछ नहीं कहना है।”

प्रदर्शन के दौरान क्या हुआ?

यह घटना शुक्रवार को अलीगढ़ के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। सपा कार्यकर्ता जौहर यूनिवर्सिटी के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस ने जब उन्हें पुतला दहन करने से रोकने का प्रयास किया तो दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हो गई।

सपा नेताओं का आरोप है कि सिविल लाइंस थाना प्रभारी सत्यवीर सिंह ने प्रदर्शनकारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया, गाली-गलौज की और कार्रवाई की धमकी दी। पार्टी का दावा है कि विवाद बढ़ने के दौरान पुलिस अधिकारी ने पिस्तौल निकाल ली, जिससे कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया। हालांकि, इस मामले में पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर जारी है सपा का विरोध

रामपुर स्थित जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर समाजवादी पार्टी लगातार विरोध प्रदर्शन कर रही है। 23 जुलाई को सपा विधायकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने रामपुर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर विश्वविद्यालय को संरक्षित रखने की मांग की थी। वहीं, पार्टी ने बताया है कि उसके नौ सांसदों का प्रतिनिधिमंडल भी इस मुद्दे पर जिलाधिकारी से मुलाकात करने रामपुर जाएगा।