AISA नेताओं के ‘लापता’ होने का दावा, अभिजीत दीपके बोले- ‘तुरंत रिहा करें, नहीं तो बिहार आंदोलन संभालना मुश्किल होगा’
नई दिल्ली। बिहार में छात्र आंदोलन के बीच ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के दो छात्र नेताओं के कथित रूप से लापता होने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। छात्र संगठनों का दावा है कि पटना पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद AISA के बिहार राज्य सचिव दीपांकर मिश्रा और पटना यूनिवर्सिटी इकाई की अध्यक्ष सबा आफरीन का अब तक कोई पता नहीं चल सका है। इस मुद्दे पर विभिन्न छात्र संगठनों और राजनीतिक नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
इसी बीच कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी इस मामले पर सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा, “बिना सरकार के आदेश के इस तरह छात्र नेताओं का गायब होना संभव नहीं है। मैं सरकार से अपील करता हूं कि सबा आफरीन और दीपांकर मिश्रा जहां भी हैं, उन्हें तुरंत रिहा किया जाए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो हम यहीं से बिहार में बड़े आंदोलन का आह्वान करेंगे, जिसे संभालना मुश्किल हो जाएगा।”
जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्राओं का आरोप
दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन और भूख हड़ताल में शामिल AISA कार्यकर्ता नेहा ने आरोप लगाया कि छात्र नेताओं को कार्यालय के बाहर से वाहन में बैठाकर ले जाया गया। उन्होंने कहा कि साथी छात्र वाहन के पीछे दौड़ते रहे, लेकिन उन्हें यह जानकारी नहीं मिल सकी कि दोनों को कहां ले जाया गया।
नेहा का आरोप है कि पुलिस अब तक दीपांकर मिश्रा और सबा आफरीन के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दे रही है। उन्होंने कहा, “जिस तरह की कार्रवाई दिल्ली पुलिस करती रही है, अब बिहार पुलिस भी उसी तरह का रवैया अपना रही है।”
CPI(ML) लिबरेशन का आरोप
सीपीआई(एमएल) लिबरेशन ने भी इस मामले को लेकर बिहार सरकार पर सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि 25 जुलाई को प्रस्तावित बिहार बंद से ठीक पहले पटना पुलिस ने AISA के बिहार राज्य सचिव दीपांकर मिश्रा और पटना यूनिवर्सिटी अध्यक्ष सबा आफरीन को हिरासत में लिया।
पार्टी ने बयान जारी कर कहा कि पेपर लीक और छात्र-युवाओं पर कथित दमन के खिलाफ चल रहे आंदोलन को गिरफ्तारियों और धमकियों के जरिए दबाया नहीं जा सकता। संगठन ने कहा कि बिहार के छात्र न्याय, जवाबदेही और बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे।
25 जुलाई को बिहार बंद का आह्वान
पटना में छात्र प्रदर्शन के दौरान हुए पुलिस लाठीचार्ज और परीक्षा संबंधी मुद्दों को लेकर कई छात्र संगठनों ने 25 जुलाई को बिहार बंद का आह्वान किया है। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) और राष्ट्रीय युवा आंदोलन (RYA) सहित वामपंथी छात्र संगठनों ने राज्यभर में विरोध प्रदर्शन और बंद आयोजित करने की घोषणा की है।
हालांकि, छात्र नेताओं की कथित हिरासत और उनके लापता होने के दावों पर पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना अभी बाकी है।
