शोभित विश्वविद्यालय गंगोह के प्रांगण में नाइस सोसायटी के चैयरमेन डॉ० शोभित कुमार जी का जन्मदिवस विश्वविद्यालय दिवस के रूप बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया
गंगोह [24CN] : शोभित विश्वविद्यालय, गंगोह में आज दिनाँक 24 जुलाई 2026 दिन शुक्रवार को विश्वविद्यालय स्थापना दिवस एवं माननीय चेयरमैन डॉ. शोभित कुमार के जन्मोत्सव को बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस उपलक्ष्य में चल रहे “PRAGYA–2026 स्थापना सप्ताह समारोह” के अंतर्गत ‘सेलेब्रेटिंग एक्सीलेंस: होनोरिंग लिगेसी, रेकग्नाइज़िंग अचीवमेंट एंड इंस्पायरिंग लीडरशिप’ थीम के अंतर्गत विश्वविद्यालय में अनेक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। डॉ० शोभित कुमार जी का जन्म दिवस प्रतिवर्ष विश्वविद्यालय दिवस के रूप में मनाया जाता है।

इस वर्ष विश्वविद्यालय दिवस का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.(डॉ.) बी. एस. सिद्धू, कुलसचिव प्रो. (डॉ.) महिपाल सिंह एवं अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा 500 निःशुल्क नेत्र शल्य-चिकित्साओं के लक्ष्य के अंतर्गत 15 नेत्र रोगियों को डॉ. राजेश आई हॉस्पिटल, बिलासपुर, हरियाणा में ऑपरेशन हेतू ले जाने वाली बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना करने के साथ किया गया। तत्पश्चात कुंवर शेखर विजेंद्र आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर में चैयरमेन सर डॉ० शोभित कुमार जी की दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य की मंगलकामना तथा विश्वविद्यालय की निरंतर प्रगति एवं उन्नति के लिए हवन किया गया। तत्पश्चात विरासत यूनिवर्सिटी हेरिटेज सेंटर द्वारा डॉ. शोभित कुमार जी के प्रेरणादायी जीवन-प्रवास पर आधारित स्कूल ऑफ़ फार्मेसी में एक विशेष चित्र प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।

इसी श्रृंखला में शोभित विश्वविद्यालय गंगोह के श्री जे.पी. माथुर ऑडिटोरियम में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ पूरे विधि विधान से मुख्य अतिथि पद्मश्री भारत भूषण जी, पद्मश्री सेठ पाल जी, कुलपति प्रो.(डॉ.) बी. एस. सिद्धू, कुलसचिव प्रो.(डॉ.) महिपाल सिंह, संस्था के केयर टेकर सूफी ज़हीर अख्तर एवं उपस्थित सभी गणमान्यों ने पुरे विधि-विधान से माँ सरस्वती एवं बाबू विजेंद्र कुमार जी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया। तत्पश्चात सरस्वती वंदना एवं विश्वविद्यालय कुलगीत का सामूहिक गायन किया गया।

कार्यक्रम में पुरस्कार समारोह, नृत्य, गायन, योगा प्रस्तुति एवं विशेष व्याख्यान सत्र जैसी अन्य गतिविधियां शामिल रही। इस अवसर पर विश्वविद्यालय द्वारा वर्तमान शैक्षणिक सत्र में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान एवं उल्लेखनीय उपलब्धियाँ प्राप्त करने पर विभिन्न पुरस्कार प्रदान किए गए। इनमें डीन हेल्थ साइंसेस प्रो.(डॉ.) रणजीत सिंह को बेस्ट रिसर्चर अवॉर्ड, प्रो.(डॉ.) मदन कौशिक को बेस्ट रिसर्च पब्लिकेशन अवॉर्ड, डॉ. विनोद कुमार यादव को बुक पब्लिकेशन अवार्ड, डॉ. जुल्फिकार अली को सबसे ज़्यादा इम्पैक्ट फ़ैक्टर अवॉर्ड, प्रो.(डॉ.) मयंक यादव एवं डॉ. सरिता शर्मा को पेटेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। सांस्कृतिक गतिविधियां में वैभवी, तरुशी और ग्रुप, अंशु और ग्रुप, अनुष्का शर्मा, खुशी परमार, गीतांजलि और ग्रुप, दिव्या प्रकाश और अभिषेक, मरियम, विशाल, योग परफॉर्मेंस में बीएनवाईएस के छात्रों ने मनमोहक प्रस्तुतियाँ दीं।। कार्यक्रम में मंच सञ्चालन ईरम चौधरी द्वारा किया गया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि पद्मश्री भारत भूषण जी ने सभागार को सम्बोधित किया और कहा कि उन्होंने कहा कि दृढ़ प्रतिबद्धता, सकारात्मक सोच एवं मानसिक संतुलन व्यक्ति को चुनौतियों का सामना करने और सफलता के शिखर तक पहुँचने की प्रेरणा प्रदान करते हैं। आगे उन्होंने कहा कि लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता सफल जीवन की आधारशिला हैं। सभागार को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि पद्मश्री सेठपाल जी ने उपलब्धियों एवं नवाचारों पर प्रकाश डालते हुए शैक्षणिक, सामाजिक एवं अनुसंधान संबंधी महत्व से सभी को अवगत कराया।

इस अवसर पर कुलपति प्रो. (डॉ.) बी. एस. सिद्धू ने सर्वप्रथम डॉ० शोभित कुमार जी को उनके जन्मदिवस एवं विश्वविद्यालय दिवस की शुभकामनाएं एवं बधाई दी तथा सभी से ये अपेक्षा की कि प्रति वर्ष की भाँति इस वर्ष भी सभी पूरी ऊर्जा व दृढ़ संकल्प के साथ विश्वविद्यालय परिवार के सभी सदस्य अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए विश्वविद्यालय को नई उपलब्धियों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। कार्यक्रम में उपस्थित संस्था के केयर टेकर सुफी जहीर अख्तर जी ने समस्त शोभित परिवार के मंगलमय जीवन की कामना की।

इस अवसर पर कुलसचिव प्रो.(डॉ०) महीपाल सिंह ने भी डॉ० शोभित कुमार जी को उनके जन्म दिवस की शुभकामनाएं दी तथा सभागार में उपस्थित मुख्य अतिथि एवं सभी गणमान्यों का धन्यवाद एवं आभार प्रकट किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में कार्यक्रम संयोजक प्रो.(डॉ.) प्रशांत कुमार, प्रो.(डॉ.) भूपेंद्र चौहान, डॉ. अनिल रॉयल एवं पूरी टीम का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया।

