पीएम मोदी बोले- ’50 करोड़ लोगों ने गरीबी रेखा को पार किया, पहले पैसा भाई भजीतावाद पर जाता था’

पीएम मोदी बोले- ’50 करोड़ लोगों ने गरीबी रेखा को पार किया, पहले पैसा भाई भजीतावाद पर जाता था’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुणे में मेट्रो परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया. इस मौके पर उन्होंने कहा कि मेट्रो कनेक्टिविटी से शहर के पुराने और नए इलाकों के बीच संपर्क बेहतर होगा और पुणे के विकास को नई गति मिलेगी. उन्होंने हिंजेवाड़ी से शिवाजीनगर के बीच मेट्रो सेवा शुरू होने को शहर के आईटी क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण बताया. इस दौरान उन्होंने कहा कि ’50 करोड़ लोगों ने गरीबी रेखा को पार किया है, पहले पैसा भाई भजीतावाद पर जाता था.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश की कई पीढ़ियां ‘गरीबी हटाओ’ के नारों और वादों के बीच ही बड़ी हुई हैं. पहले गरीबी के खिलाफ लड़ाई सिर्फ नारों तक सीमित थी, लेकिन आज भारत जमीन पर गरीबी को परास्त कर रहा है. उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था होने के साथ-साथ गरीबी कम करने वाले सबसे तेज देशों में भी शामिल है. प्रधानमंत्री ने कहा कि पुणे हमेशा से ऐसे विचारों का केंद्र रहा है, जिन्होंने देश और समाज को नई दिशा दी है. आज यह शहर विकसित भारत की नई ऊर्जा को आगे बढ़ा रहा है. आईटी, ऑटोमोबाइल, फार्मा, स्टार्टअप, नवाचार और विनिर्माण के क्षेत्र में पुणे की अहम भूमिका है. ऐसे में मजबूत मेट्रो कनेक्टिविटी से यहां के विकास को और गति मिलेगी.

21,800 करोड़ रुपये की मेट्रो परियोजनाओं की सौगात

प्रधानमंत्री ने करीब 21,800 करोड़ रुपये की पुणे मेट्रो परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया. इसमें 8,300 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनी 23 किलोमीटर लंबी मेट्रो की तीसरी लाइन यानी पिंक लाइन का उद्घाटन शामिल है. यह लाइन मान से जिला न्यायालय मेट्रो स्टेशन तक जाएगी और हिंजेवाड़ी के आईटी हब को शिवाजीनगर से जोड़ेगी. इससे आईटी क्षेत्र में काम करने वाले हजारों कर्मचारियों और अन्य यात्रियों को आवागमन में सुविधा मिलेगी. इस लाइन की खास बात यह है कि इसका संचालन पूरी तरह महिला ट्रेन ऑपरेटर करेंगी. साथ ही, इसकी बिजली की करीब 30 प्रतिशत जरूरत सौर ऊर्जा से पूरी करने की योजना है.

मेट्रो के दूसरे चरण में चार नए कॉरिडोर

प्रधानमंत्री ने पुणे मेट्रो के दूसरे चरण की चार नई लाइनों का भी शिलान्यास किया. करीब 13,500 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना में लाइन 2ए, 2बी, 4 और 4ए शामिल हैं. लाइन 2ए वनाज से चांदनी चौक और लाइन 2बी रामवाड़ी से विठ्ठलवाड़ी तक जाएगी. वहीं, लाइन 4 खराड़ी से खड़कवासला और लाइन 4ए नाल स्टॉप से माणिक बाग को जोड़ेगी. इन नए कॉरिडोर से खराड़ी, मगरपट्टा, हड़पसर, स्वारगेट, माणिक बाग, नांदेड़ सिटी, पुणे कैंटोनमेंट और वारजे जैसे इलाकों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी. नए कॉरिडोर को मौजूदा मेट्रो नेटवर्क और अंतरशहरी बस सेवाओं से भी जोड़ा जाएगा.

12 साल में मेट्रो नेटवर्क में बड़ा विस्तार: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का दिन जनहित और सक्रिय सुशासन का उदाहरण है. उन्होंने कहा कि देश में पहली मेट्रो 1984 में चली थी, लेकिन इसके बाद के 30 वर्षों में केवल 248 किलोमीटर मेट्रो लाइन का निर्माण हुआ. वर्ष 2014 तक देश के सिर्फ पांच शहरों में मेट्रो सेवा उपलब्ध थी. उन्होंने कहा कि अगर पुरानी सोच और पुरानी कार्यशैली जारी रहती, तो पुणे में मेट्रो पहुंचने में कई दशक और लग जाते. प्रधानमंत्री के मुताबिक, 2014 में देश में मेट्रो नेटवर्क 248 किलोमीटर था, जो अब बढ़कर करीब 1,400 किलोमीटर हो गया है. पहले पांच शहरों में मेट्रो चलती थी, जबकि अब 26 शहरों में यह सुविधा उपलब्ध है. उन्होंने कहा कि हर दिन एक करोड़ से अधिक लोग मेट्रो से सफर कर रहे हैं और भारत का मेट्रो नेटवर्क दुनिया के शीर्ष तीन नेटवर्क में शामिल है.

शहरों की प्रतिस्पर्धा और जीवन की गुणवत्ता पर जोर

प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी शहर की पहचान दो अहम बातों से होती है. पहला, वह कितना प्रतिस्पर्धी है और दूसरा, वहां रहना कितना आसान और सुविधाजनक है. मेट्रो परियोजनाएं इन दोनों पहलुओं को बेहतर बनाती हैं. इससे शहर में आवागमन आसान होता है और लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार आता है. उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में केंद्र में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार बनने के बाद शहरों में रहने वाले मध्यम वर्ग के लोगों के लिए जीवन और परिवहन को आसान बनाने का संकल्प लिया गया था. आज उसी का परिणाम दिखाई दे रहा है.

छोटे शहरों को भी विकास केंद्र बनाने की तैयारी

प्रधानमंत्री ने कहा कि शहर केवल रहने की जगह नहीं हैं, बल्कि आर्थिक गतिविधियों के बड़े केंद्र भी हैं. सरकार का लक्ष्य देश के सैकड़ों छोटे शहरों को विकास केंद्र के रूप में तैयार करना है. इसी सोच के तहत इस साल फरवरी में शहरी चुनौती कोष को मंजूरी दी गई थी. इसके लिए केंद्र सरकार एक लाख करोड़ रुपये की सहायता दे रही है. उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में इस पहल के जरिये शहरों में लाखों करोड़ रुपये का निवेश जुटाने का लक्ष्य है. प्रधानमंत्री ने स्थानीय निकायों और निजी क्षेत्र से इस दिशा में आगे आने और मिशन मोड में काम करने की अपील की.