PM मोदी से मिले तमिलनाडु CM विजय, राज्य गान और मछुआरों का मुद्दा उठाया

PM मोदी से मिले तमिलनाडु CM विजय, राज्य गान और मछुआरों का मुद्दा उठाया

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद यह उनकी प्रधानमंत्री से पहली औपचारिक मुलाकात बताई जा रही है। बैठक करीब 20 मिनट चली और इसमें तमिलनाडु से जुड़े दो प्रमुख मुद्दों पर चर्चा हुई।

विजय ने प्रधानमंत्री को हाल में हॉलैंड से प्राचीन तांबे की प्लेटें वापस लाने के प्रयासों के लिए धन्यवाद दिया। इसके साथ ही उन्होंने सरकारी कार्यक्रमों में राज्य गान बजाए जाने से जुड़े विषय पर अपनी बात रखी। तमिलनाडु सरकार चाहती है कि राज्य की सांस्कृतिक पहचान से जुड़े प्रतीकों को सरकारी आयोजनों में उचित स्थान मिले।

मछुआरों की गिरफ्तारी पर चिंता

बैठक में विजय ने तमिलनाडु के मछुआरों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने श्रीलंकाई नौसेना द्वारा तमिलनाडु के मछुआरों की गिरफ्तारी और नावों की जब्ती की घटनाओं पर चिंता जताई। रिपोर्ट्स के अनुसार उन्होंने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया कि केंद्र सरकार श्रीलंका सरकार से इस मुद्दे पर बातचीत कर मछुआरों और जब्त नावों की रिहाई सुनिश्चित करे।

तमिलनाडु के तटीय जिलों में मछुआरों की गिरफ्तारी लंबे समय से संवेदनशील मुद्दा रहा है। समुद्री सीमा, पारंपरिक मछली पकड़ने के क्षेत्र और सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण भारत और श्रीलंका के बीच यह विषय कई बार कूटनीतिक स्तर पर उठ चुका है। राज्य सरकारें लगातार केंद्र से हस्तक्षेप की मांग करती रही हैं।

नई राजनीतिक शुरुआत के संकेत

विजय की दिल्ली यात्रा को केंद्र और तमिलनाडु के नए नेतृत्व के बीच संवाद की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री का राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, गृह मंत्री, वित्त मंत्री और विपक्षी नेताओं से भी मुलाकात कार्यक्रम बताया गया है। इससे यह संकेत मिलता है कि राज्य सरकार राष्ट्रीय स्तर पर अपने मुद्दों को सीधे रखने की रणनीति पर काम कर रही है।

बैठक के बाद तमिलनाडु की राजनीति में यह चर्चा तेज है कि विजय केंद्र के साथ सहयोग और राज्य अधिकारों के बीच किस तरह संतुलन बनाएंगे। मछुआरों और सांस्कृतिक पहचान से जुड़े मुद्दों पर उनकी सक्रियता आने वाले समय में राज्य की राजनीति की दिशा तय कर सकती है।

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