राम मंदिर चंदा चोरी पर नया खुलासा, कांग्रेस बोली- ‘देखो ओ बीजेपी वालों, तुम…’

राम मंदिर चंदा चोरी पर नया खुलासा, कांग्रेस बोली- ‘देखो ओ बीजेपी वालों, तुम…’

अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की रकम में कथित गड़बड़ी के मामले में एसआईटी की जांच रिपोर्ट में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं. एसआईटी के मुताबिक, मंदिर के तीर्थयात्री सुविधा केंद्र स्थित काउंटिंग रूम की सीसीटीवी फुटेज और दूसरे डिजिटल साक्ष्यों की जांच की गई. इसमें बिना अनुमति नकदी हटाने या छिपाने की 105 घटनाएं सामने आई हैं. मामले में अब तक 173 गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं और आठ आरोपियों की पहचान की गई है. एसआईटी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि मामले में 25 सितंबर तक चार्जशीट दाखिल की जाएगी.

एसआईटी की रिपोर्ट सामने आने के बाद कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सरकार और जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में कार्रवाई में देरी की जा रही है और बड़ी मछलियों को बचाने की आशंका बनी हुई है. जयराम रमेश ने अपने बयान में इसे चंदा चोरी, आस्था धोखा बताया और सरकार से कई सवाल पूछे.

जयराम रमेश बोले- बड़ी मछलियों को बचाने की आशंका

जयराम रमेश ने एसआईटी की रिपोर्ट के बाद सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश की जनता को ऐसी एसआईटी और सरकारी चार्जशीट पर भरोसा नहीं है, जिसमें बड़ी मछलियों को बचाने की आशंका हो. उन्होंने कहा कि पहले चढ़ावे की चोरी की 70 घटनाओं की बात सामने आई थी, लेकिन अब जांच में सीसीटीवी के जरिए 105 घटनाएं सामने आने की बात कही जा रही है. जयराम रमेश ने सवाल किया कि आखिर चार्जशीट दाखिल करने में देरी क्यों हुई? क्या इस देरी के जरिए बड़े आरोपियों पर कार्रवाई से ध्यान हटाने की कोशिश की जा रही है? उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में चंदा चोरी, आस्था धोखा लिखा. साथ ही भाजपा नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि  देखो ओ बीजेपी वालो, तुम ये काम न करो, राम का नाम बदनाम न करो, बदनाम न करो!

सरकार से जयराम रमेश ने पूछे कई सवाल

जयराम रमेश ने सवाल उठाया कि श्रीराम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले में बड़ी मछलियों पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? उनसे कड़ी पूछताछ कब होगी? उन्होंने यह भी सवाल किया कि अगर असली दोषियों को बचाए जाने की आशंका है तो सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच से कौन और क्यों बचना चाहता है?

उन्होंने मंदिर ट्रस्ट को अब तक भंग नहीं किए जाने पर भी सवाल उठाया. जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि एसआईटी के नाम पर भाजपा की डबल इंजन सरकारों की ओर से भाजपा-आरएसएस से जुड़े चढ़ावा चोरी के आरोपियों को बचाने की कार्रवाई की जा रही है. यह जयराम रमेश का राजनीतिक आरोप है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि रिपोर्ट में नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि सवाल सिर्फ आरोपियों का नहीं है, बल्कि उन लोगों की जवाबदेही का भी है, जिनकी निगरानी में मंदिर में चढ़ावे और दान की व्यवस्था चल रही थी.

फॉरेंसिक ऑडिट और पारदर्शी जांच की मांग

जयराम रमेश ने मांग की कि पूरी व्यवस्था का फॉरेंसिक ऑडिट कराया जाए. उन्होंने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और जांच को पूरी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ाने की मांग की. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि देश की आस्था से जुड़े इस मामले पर उनकी चुप्पी को लेकर सवाल उठ रहे हैं. जयराम रमेश ने कहा कि जिन लोगों ने मंदिर के चढ़ावे के प्रबंधन और प्रबंधकों के चयन का श्रेय लिया है, उन्हें इस मामले की जिम्मेदारी भी लेनी चाहिए.

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