एलजी मनोज सिन्हा ने की हाई लेवल मीटिंग, सुरक्षा घेरा को लेकर सख्त निर्देश

एलजी मनोज सिन्हा ने की हाई लेवल मीटिंग, सुरक्षा घेरा को लेकर सख्त निर्देश

आगामी 57 दिवसीय श्री अमरनाथ जी यात्रा को सुरक्षित, सुगम और सफल बनाने के लिए तैयारियां युद्ध स्तर पर जारी हैं. सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता तीर्थयात्रियों और यात्रा मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है. इसी कड़ी में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने श्रीनगर में एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की.

वहीं अब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 12 जून को नई दिल्ली में एक अहम बैठक की अध्यक्षता कर तैयारियों का व्यापक जायजा लेंगे. इस वर्ष पर्यटकों और श्रद्धालुओं के भारी उत्साह को देखते हुए प्रशासन को रिकॉर्ड संख्या में यात्रियों के आने की उम्मीद है.

यात्रा से जुड़ी कुछ अहम जानकारियां और मुख्य बिंदु:

  • यात्रा का कार्यक्रम: इस साल अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होगी और पूरे 57 दिन चलकर 28 अगस्त को (श्रावण पूर्णिमा और रक्षा बंधन के अवसर पर) संपन्न होगी.
  • सुरक्षा का अभेद्य घेरा: सुरक्षा चाक-चौबंद रखने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज़ (CAPFs) की लगभग 670 कंपनियों की तैनाती को मंज़ूरी दे दी है. इन बलों की चरणबद्ध तैनाती शुरू भी हो चुकी है.
  • मल्टी-लेयर सिक्योरिटी: बेस कैंप, दोनों पारंपरिक यात्रा मार्गों (बालटाल और पहलगाम), जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग और अन्य संवेदनशील जगहों की व्यापक जाँच-पड़ताल (सैनिटाइज़ेशन) की जा रही है. सुरक्षा एजेंसियों को पूरी यात्रा के दौरान कई स्तरों वाला सुरक्षा घेरा बनाए रखने का सख्त निर्देश दिया गया है.
  • यात्रियों की सुविधाएं: उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में हुई बैठक में सुरक्षा के साथ-साथ श्रद्धालुओं के लिए आवास, परिवहन, स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छता और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं की भी गहन समीक्षा की गई.

12 जून की बैठक में क्या होगा खास?

नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा बुलाई गई 12 जून की अहम बैठक में समग्र सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारियों का अंतिम खाका तैयार किया जाएगा. इस हाई-प्रोफाइल बैठक में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्य सचिव अटल डुल्लू, DGP नलिन प्रभात, खुफिया प्रमुख नीतीश कुमार के साथ-साथ केंद्रीय गृह सचिव, CRPF, BSF, ITBP, SSB के प्रमुख, इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और सेना के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे.

बैठक का मुख्य फोकस इस बात पर रहेगा कि बचे-खुचे उग्रवादी तत्वों द्वारा यात्रा में बाधा डालने की किसी भी कोशिश को पूरी तरह से नाकाम किया जा सके और यात्रा बिना किसी घटना के शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो.

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