UP चुनाव 2027 का मुद्दा होगी अयोध्या? सपा-बीजेपी में अभी टक्कर शुरू, कांग्रेस ने भी मिलाया सुर
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले अयोध्या राम मंदिर को लेकर सियासी बहस छिड़ गई हैं. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सबसे पहले हिन्दुत्व की पिच पर उतर कर राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी होने का दावा किया, जिससे प्रदेश में सियासी भूचाल आ गया है. भारतीय जनता पार्टी इन आरोपों से इनकार कर रही है वहीं विपक्ष एकजुट होता दिख रहा है.
अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर उठ रहे सवालों के बाद प्रदेश की सियासत इसे लेकर गर्म हो गई है. आरोप हैं कि राम मंदिर के दानपात्र से करीब साढ़े सात करोड़ रुपये का चढ़ावा चोरी हो गया. सपा मुखिया अखिलेश यादव ने खुलकर इस पर बीजेपी को घेरना शुरू कर दिया हैं. ऐसे में माना जा रहा है कि 2027 में अयोध्या का मुद्दा और गर्मा सकता है.
राम मंदिर के चढ़ावे पर सियासत तेज
राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर उस वक्त सवाल और बढ़ गए जब श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास ने ये कह दिया कि कि जब जांच करने वाले खुद बेईमान तो क्या जांच होगी? वहीं पूर्व बीजेपी सांसद बृजभूषण शऱण सिंह ने तो जो कहा उससे बीजेपी की बैचेनी और बढ़ गई.
बृजभूषण ने राम मंदिर के चढ़ावे पर जवाब देते हुए कहा कि मैंने सच गया तो परेशानी में आ जाऊंगा. वो बड़े लोग हैं, समय आने पर सच बताऊंगा. जिसके बाद विपक्षी दल ने उन बड़े लोगों का नाम पूछना शुरू कर दिया है. उनका कहना है कि आखिर वो बड़े लोग कौन है और वो समय कब आएगा जब बृजभूषण बोलेंगे? जो किसी से नहीं डरते वो किन बड़े लोगों से डर रहे हैं.
सपा और बीजेपी आए आमने-सामने
सपा आरोप लगा रही है कि मंदिर में बड़ी चोरी हुई है. बड़े लोगों के संरक्षण में हुई हैं. इसलिए इसकी जांच होनी चाहिए. अखिलेश यादव ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि “चढ़ावे में चोरी होगी तो शिकायत तो होगी. अगर दूरबीन और सीसीटीवी काम कर रहे होते तो डबल इंजन की सरकार में ऐसा नहीं होता.” कांग्रेस भी समाजवादी पार्टी के साथ सुर में सुर मिला रही है. कांग्रस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि “आप चढ़ावे की चोरी सोच सकते हैं आप किस नरक में जाएंगे?”
2027 का चुनावी मुद्दा होगी अयोध्या?
इस मुद्दे पर अभी तक बीजेपी बैकफुट पर दिखाई दे रही है. प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने इस सवाल पर झल्लाते हुए कहा “कौन कह रहा है गायब हो गए.? ये सरकार विषय नहीं है. हम किस-किस की बातों का जवाब देते रहेंगे. अयोध्या हमेशा से ही बीजेपी का अहम मुद्दा रही है. ऐसे में इस तरह की आरोप लगने से भाजपा की परेशानियां बढ़ सकती हैं.
राम मंदिर चढ़ावे का विवाद फिलहाल शांत होता नहीं दिख रहा है. जिस से तरह से सपा और बीजेपी अयोध्या को लेकर आमने-सामने आ गए हैं, उसके बाद विधानसभा चुनाव में इसे और धार मिलना तय हो गया है. माना जा है कि 2027 में अयोध्या एक बार फिर से चुनाव का बड़ा मुद्दा होगी.
