केजरीवाल सरकार ने MCD से बुलडोजर चलाने पर मांगी रिपोर्ट, कहा- अप्रैल से अब तक का डाटा दें

केजरीवाल सरकार ने MCD से बुलडोजर चलाने पर मांगी रिपोर्ट, कहा- अप्रैल से अब तक का डाटा दें
  • अरविंद केजरीवाल सरकार ने तीनों नगर निगम से 1 अप्रैल से लेकर अब तक की रिपोर्ट मांगी है। इसमें अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई को लेकर पूरा ब्योरा मांगा गया है।

नई दिल्ली। देश की राजधानी अतिक्रमण और अवैध निर्माण के खिलाफ लगातार जारी दिल्ली नगर निगम की कार्रवाई को लेकर राजनीति तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी जहां एक ओर अवैध निर्माण के खिलाफ बुलडोडर की कार्रवाई को जायज बता रही है तो दिल्ली सरकार कार्रवाई के विरोध में आ गई है। इस बीच दिल्ली में सत्तासीन आम आदमी पार्टी सरकार ने तीनों नगर निगम (दक्षिण, पूर्वी और उत्तरी) से बुलडोजर चलाने पर रिपोर्ट मांगी है।

दिल्ली सरकार के सूत्रों के अनुसार, दिल्ली के तीनों नगर निगमों से 1 अप्रैल से लेकर अब तक की रिपोर्ट मांगी गई, जिसमें बुलडोजर के जरिये अतिक्रमण हटाने और अवैध निर्माण ढहाने को लेकर ब्योरा तलब किया गया है। आम आदमी पार्टी सरकार की ओर से साफ कहा गया है कि तीनों नगर निगम 1 अप्रैल से अभी तक की अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ की गई कार्रवाई सारा डाटा उपलब्ध कराएं।

गौरतलब है कि सोमवार को अरविंद केजरीवाल ने बुलडोजर के जरिये अतिक्रमण और अवैध निर्माण पर कार्रवाई को लेकर कहा था कि मैं अपने विधायकों को कहा है कि आपको जेल भी जाना पड़े, तो डरना मत, लेकिन आपको जनता के साथ खड़ा होना है।

इस मौके पर अरविंद केजरीवाल ने साफ किया था कि वह भी अतिक्रमण के खिलाफ हैं, मगर जिस तरह से निगमों में सत्तासीन भाजपा कार्रवाई कर रही है इसे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है।40 साल से रह रहे लोगों के कागज नहीं देखे जा रहे हैं, उन्हें हटाया जा रहा है।

निगमों के बुलडोजर के विरोध में रणनीति तय करने के लिए सोमवार को ली विधायकों और पार्टी नेताओं की बैठक के बाद प्रेसवार्ता कर केजरीवाल ने दावा किया कि भाजपा दिल्ली में 63 लाख लोगों के घर और दुकानों पर बुलडोजर चलाने की तैयारी में है। उन्होंने कहा है कि यह आजाद भारत का सबसे बड़ा विध्वंस होगा।

दिल्ली की कच्ची कालोनियों में 50 लाख और झुग्गियों में 10 लाख लोग रहते हैं।इनमें कार्रवाई होनी है, इसके अलावा नगर निगमों ने करीब तीन लाख और संपत्तियों की लिस्ट बनाई है, जहां पर इनका कहना है कि किसी ने नक्शे के इतर बालकनी, कमरा आदि बना लिया है, उस अतिक्रमण को तोड़ा जाएगा। इस तरह करीब 63 लाख लोगों के घर के ऊपर बुलडोजर चलेंगे।

उन्होंने कहा कि मैं समझता हूं कि यह आजाद भारत का सबसे बड़ा विध्वंस होगा। उन्होंने कहा है कि जिस तरह से भाजपा लोगों के घर और दुकानें तोड़ रही है, वो सही नहीं है।हम इसके सख्त खिलाफ हैं।भाजपा का इस तरह से बुल्डोजर चलाना सही नहीं है, दादागीरी-गुंडागर्दी करना सही नहीं है और अपनी पावर का गलत इस्तेमाल करना सही नहीं है

वहीं, दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अनिल चौधरी ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के लाखों लोगों को भाजपा के बुलडोजर अभियान के तहत उजड़ने से बचाने के लिए इसके सिवाए कोई उपाय नहीं है। बकौल चौधरी, विधानसभा में बुलडोजर अभियान के खिलाफ प्रस्ताव पास किया जाए और भविष्य में बुलडोजर जैसी कार्रवाई न हो, इसके लिए कानून बनाएं।

अनिल चौधरी ने कहा कि भाजपा तथा केजरीवाल मिलकर गरीबों के घरों और दुकानों को उजाड़ने के लिए जहां कुछ स्थानों पर नोटिस भेज रहे है, वहीं अधिकतर जगह बिना नोटिस ही कार्रवाई कर रहे हैं। दोनों सरकारें अनधिकृत कालोनियों, झुग्गी झोपड़ी में रहने पांच लाख रेहड़ी-पटरी वालों की आजीविका पर भी बुलडोजर चला रही हैं।

उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार के तहत दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड का काम झुग्गी, झोपड़ी और स्लम वासियों को आवास मुहैया कराना है जबकि केजरीवाल उन्हें उजाड़ने के लिए बुलडोजर भेज रहे हैं। कांग्रेस इसका विरोध करती है। पार्टी नेता तथा कार्यकर्ताओं ने खुलकर बुलडोजर के सामने आकर विरोध किया है, जो आगे भी जारी रहेगा।


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