इजरायल ने नहीं मानी ट्रंप की बात, हमले के बाद ईरान पर दागी ताबड़तोड़ मिसाइलें

इजरायल ने नहीं मानी ट्रंप की बात, हमले के बाद ईरान पर दागी ताबड़तोड़ मिसाइलें

यरुसलम। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की सख्त हिदायत को अनसुना करते हुए इजरायल ने ईरान पर बड़ा जवाबी हमला किया है। इजरायली वायुसेना ने ईरान के मध्य और पश्चिमी इलाकों में स्थित सैन्य ठिकानों को अपना निशाना बनाया है। इस कार्रवाई के बाद से मध्य पूर्व में एक बार फिर महायुद्ध छिड़ने का खतरा मंडराने लगा है।

इजरायली सेना ने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए इस एयरस्ट्राइक की जानकारी दी। एपी न्यूज एजेंसी के हवाले से ईरानी सरकारी टीवी ने भी पुष्टि की है कि राजधानी तेहरान के अलावा इस्फहान और तबरीज जैसे शहरों में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं।

हमले की गंभीरता को देखते हुए ईरान ने आनन-फानन में तेहरान स्थित इमाम खुमैनी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास का एयरस्पेस पूरी तरह से बंद कर दिया है।

नेतन्याहू ने नहीं मानी ट्रंप की बात

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस घटना से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को फोन किया था। ट्रंप ने उन्हें दो टूक शब्दों में कहा था कि वे ईरान पर किसी भी तरह की जवाबी सैन्य कार्रवाई करने से बचें। हालांकि, इजरायल ने अपने सबसे बड़े सहयोगी देश के राष्ट्रपति की इस चेतावनी को दरकिनार कर दिया।

इस ताजा हमले की जड़ें कुछ दिन पहले हुई घटनाओं से जुड़ी हैं। 8 अप्रैल को हुए सीजफायर के बाद ईरान ने अचानक इजरायल पर मिसाइलों की बारिश कर दी थी। ईरान का तर्क था कि सीजफायर लागू होने के बावजूद इजरायल बाज नहीं आ रहा था और लेबनान पर लगातार हमले कर रहा था।

ईरान के मिसाइल हमले से ठीक एक दिन पहले ही इजरायल ने लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी इलाकों पर बिना किसी पूर्व चेतावनी के बमबारी की थी, जिसके बाद ईरान ने इस कार्रवाई की धमकी दी थी।

स्थायी शांति की उम्मीदों को लगा बड़ा झटका

ईरान और अमेरिका के बीच किसी स्थायी सीजफायर तक पहुंचने की कोशिशें पहले से ही डगमगा रही थीं। अब इजरायल और ईरान के बीच शुरू हुए इस हमले-दर-हमले के सिलसिले ने शांति की बची-खुची उम्मीदों पर भी पानी फेर दिया है। जानकारों का मानना है कि अगर यह तनाव जल्द नहीं थमा, तो यह एक भयानक और बड़े युद्ध का रूप ले सकता है।

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