शिवसेना के 60 साल और उद्धव सेना में बगावत और दिल्ली कनेक्शन; ऑपरेशन टाइगर की इनसाइड स्टोरी

शिवसेना के 60 साल और उद्धव सेना में बगावत और दिल्ली कनेक्शन; ऑपरेशन टाइगर की इनसाइड स्टोरी

नई दिल्ली। महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल आया है। उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) में बड़े पैमाने पर बगावत हो गई है। पार्टी के 9 लोकसभा सांसदों में से 6 सांसदों ने विद्रोह कर दिया है। यह घटना 2022 की शिंदे बगावत की याद दिलाती है। ऑपरेशन टाइगर के नाम से मशहूर इस पूरी कार्रवाई को बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दिया गया।

क्या हुआ था?

  • 16 जून (मंगलवार) को 6 सांसद महाराष्ट्र के अलग-अलग शहरों से चुपके से निकले।
  • वे स्थानीय खुफिया एजेंसियों और मुंबई मीडिया की नजर बचाते हुए चार्टर्ड विमानों से दिल्ली पहुंचे।
  • दिल्ली में होटल में रुकने के बजाय उन्हें नोएडा के एक अत्यंत सुरक्षित और लग्जरी होटल में रखा गया।
  • 17 जून (बुधवार) की रात को इन सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात की और एक पत्र सौंपा।

सांसदों का दावा

विद्रोही सांसदों ने स्पीकर को बताया कि उद्धव ठाकरे शिवसेना (UBT) को कांग्रेस में विलय करने की तैयारी कर रहे थे, जो उनकी विचारधारा के खिलाफ है। इसी वजह से उन्होंने यह कदम उठाया। वे अब एकनाथ शिंदे गुट के साथ विलय चाहते हैं और लोकसभा में शिंदे गुट के सांसदों के पास बैठने की मांग कर रहे हैं।

विद्रोही सांसदों के नाम

  • संजय देशमुख (यवतमाल)
  • संजय जाधव (परभाणी)
  • संजय दिना पाटिल (मुंबई नॉर्थ-ईस्ट)
  • नागेश पाटिल आष्टिकर (हिंगोली)
  • ओमराजे निंबालकर (धाराशिव)
  • भाऊसाहेब वाकचौरे (शिरडी)

उद्धव गुट की प्रतिक्रिया

उद्धव ठाकरे गुट ने इसे साजिश और गद्दारी बताया है। मुख्य सचेतक ने तीन लाइन का व्हिप जारी किया, लेकिन विद्रोही सांसद बैठक में नहीं पहुंचे। सिर्फ 3 सांसद (अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राजाभाऊ वाजे) ही बैठक में शामिल हुए।

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