पीएम मोदी की ईंधन बचाने की अपील के एक दिन बाद आया सरकार का बड़ा बयान

पीएम मोदी की ईंधन बचाने की अपील के एक दिन बाद आया सरकार का बड़ा बयान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 मई 2026 को वैश्विक तनाव के बीच देश के नागरिकों से ईंधन बचाने की अपील की थी. उन्होंने कहा था कि पेट्रोल-डीजल पूरी दुनिया में बेहद महंगे हो गए हैं, इसलिए ईंधन बचाना और इस तरह पेट्रोल और डीजल खरीदने पर खर्च होने वाली विदेशी मुद्रा को बचाना हमारी जिम्मेदारी है. इस पर अब केंद्र ने सरकार ने सोमवार (11 मई 2026) को कहा कि देश में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी या कच्चे तेल की कोई कमी नहीं है.

भारत में पेट्रोलियम उत्पाद की कोई कमी नहीं

पश्चिम एशिया की स्थिति पर इंटर-मिनिस्टीरियल ग्रुप (IGoM) ब्रीफिंग के दौरान, सरकारी अधिकारियों ने कहा कि भारत के पास पर्याप्त ईंधन भंडार है और उसने क्षेत्र में चल रहे संघर्ष के प्रभाव को कम करने के लिए कदम उठाए हैं.

IGoM को बताया गया कि देश सुरक्षित है और किसी भी पेट्रोलियम उत्पाद की कोई कमी नहीं है, जबकि ज्यादातर दूसरे देशों ने घरेलू खपत को काफी कम करने के लिए आपातकालीन उपाय किए हैं. भारत के पास 60 दिनों का कच्चा तेल, 60 दिनों की प्राकृतिक गैस और 45 दिनों का LPG स्टॉक है. विदेशी मुद्रा भंडार $703 अरब के आरामदायक स्तर पर है.

भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल रिफाइनर और पेट्रोलियम उत्पादों का चौथा सबसे बड़ा निर्यातक है, जो 150 से ज्यादा देशों को निर्यात करता है और घरेलू मांग को पूरी तरह से पूरा कर रहा है, लेकिन देश को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ रही है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें बहुत ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं.

भारत में पेट्रोलियम की कीमतें स्थिर बनी हुई है: केंद्र सरकार

इसमें कहा गया, ‘ईंधन की बचत इस बोझ को कम कर सकती है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से सामूहिक भागीदारी की अपील की है, ताकि देश को वैश्विक आर्थिक उथल-पुथल, आपूर्ति श्रृंखला की चुनौतियों और अंतरराष्ट्रीय संघर्षों के कारण बढ़ती कीमतों से निपटने में मदद मिल सके. इसलिए उन्होंने पेट्रोलियम उत्पादों के इस्तेमाल में समझदारी बरतने और फिजूलखर्ची कम करने पर जोर दिया है, ताकि देश पर पड़ने वाला वित्तीय बोझ अभी और भविष्य में कम हो सके. भारत उन गिने-चुने देशों में से एक है, जहां वैश्विक उथल-पुथल के इस दौर में, संघर्ष शुरू होने के 70 से ज्यादा दिनों बाद भी पेट्रोलियम की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं.’

भारतीय नागरिक चिंता न करें: सरकार

रक्षा मंत्रालय ने कहा, ‘भारत की तेल विपणन कंपनियों ने रोजाना लगभग 1,000 करोड़ रुपये का नुकसान उठाया है और Q1 26 में उनकी वसूली में लगभग 2 लाख करोड़ रुपये की कमी रही है, ताकि वैश्विक स्तर पर आसमान छूती कीमतों का बोझ भारतीय नागरिकों पर न पड़े. चिंता की कोई बात नहीं है और किसी भी नागरिक को रिटेल आउटलेट्स पर भाग-दौड़ करने की कोई जरूरत नहीं है.’

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