मां शाकुम्भरी विश्वविद्यालय का चतुर्थ दीक्षांत समारोह
- सहारनपुर में जनमंच सभागार में छात्रा को डिग्री प्रदान करते अतिथिगण एवं डिग्री के साथ मंचासीन सभी विद्यार्थीगण।
सहारनपुर। माँ शाकुम्भरी विश्वविद्यालय का चतुर्थ दीक्षांत समारोह मंगलवार को सेठ गंगाप्रसाद माहेश्वरी सभागार (जनमंच) में आयोजित हुआ। समारोह की अध्यक्षता कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने वर्चुअल माध्यम से की। मुख्य अतिथि भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (आईआईएसईआर), मोहाली के निदेशक प्रो. अनिल कुमार त्रिपाठी रहे, जबकि उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी और अपर मुख्य सचिव डॉ. सुधीर एम. बोबड़े विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
समारोह में विश्वविद्यालय के विभिन्न पाठ्यक्रमों के 22,315 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं, जिनमें 7,582 छात्र और 14,733 छात्राएं शामिल हैं। सभी उपाधियों को डिजीलॉकर में भी उपलब्ध कराया गया। इस अवसर पर 99 स्वर्ण पदक वितरित किए गए। अपने संबोधन में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विद्यार्थियों को जीवनभर सीखते रहने का संदेश देते हुए नशा मुक्त भारत अभियान को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने प्रत्येक विद्यार्थी से ष्एक पेड़ मां के नामष् लगाने और उसके संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की। साथ ही स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण, नवाचार और समाज सेवा के क्षेत्र में सक्रिय योगदान देकर विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को साकार करने का आह्वान किया।
मुख्य अतिथि प्रो. अनिल कुमार त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि ज्ञान, नैतिक मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व से युक्त व्यक्तित्व का निर्माण करना है। उन्होंने विद्यार्थियों से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), नवाचार और अनुसंधान के क्षेत्र में स्वयं को तैयार करने का आह्वान किया। उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने युवाओं, विशेषकर छात्राओं को आत्मनिर्भर बनने, आधुनिक तकनीकों को अपनाने और स्टार्टअप एवं उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। समारोह के दौरान 700 आंगनबाड़ी किट वितरित किए गए तथा विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, शिक्षाविद, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं अभिभावक उपस्थित रहे।
