₹30 हजार मानदेय पर अड़ीं आशाएं, 22 अक्टूबर को लखनऊ कूच का ऐलान
सीएमओ कार्यालय पर 13वें दिन भी धरना जारी, मांग पूरी नहीं होने पर भूख हड़ताल की चेतावनी
सहारनपुर। न्यूनतम 30 हजार रुपये मासिक मानदेय की मांग को लेकर आशा कार्यकर्ताओं का धरना मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय पर 13वें दिन भी जारी रहा। छुट्टी के दिन भी धरनास्थल पर जुटीं कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया।
आशा कार्यकर्ताओं ने कहा कि गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने से लेकर स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न कार्यक्रमों तक की जिम्मेदारी वे निभाती हैं। कई बार देर रात भी काम करना पड़ता है। उनका दावा है कि इसके बावजूद उन्हें महज 1,500 से 2,000 रुपये तक मानदेय मिलता है और उसका भुगतान भी समय पर नहीं होता।
धरनारत कार्यकर्ताओं ने घोषणा की कि 22 अक्टूबर को शाम चार बजे सैकड़ों आशाएं तीन-चार बसों से लखनऊ के लिए रवाना होंगी। उन्होंने कहा कि मानदेय बढ़ाने की मांग पूरी नहीं होने पर भूख हड़ताल कर आंदोलन तेज किया जाएगा।
कार्यकर्ताओं ने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों पर उनकी समस्याओं की अनदेखी का आरोप भी लगाया। धरने में ललतेश, राधा और ऊषा सहित अनेक आशा कार्यकर्ता शामिल रहीं।
