पश्चिम बंगाल को लेकर अखिलेश यादव का बड़ा दावा, ‘ममता बनर्जी के पक्ष में जनता ने बड़े पैमाने पर…’
समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में चुनाव को प्रभावित करने के लिए केंद्रीय बलों के नेतृत्व में एक ‘समानांतर प्रशासनिक ढांचा’ तैयार किया गया है. उन्होंने दावा किया कि मजबूत जनसमर्थन के कारण पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एक फिर ऐतिहासिक जीत की ओर बढ़ रही हैं.
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने लखनऊ में आयोजित प्रेसवार्ता में कहा, ‘‘बंगाल में दीदी (ममता बनर्जी) ऐतिहासिक वोटों से जीतने जा रही हैं. बंगाल की जनता ने बड़े पैमाने पर उनके पक्ष में मतदान किया है.’’ उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में चुनाव को प्रभावित करने के लिए पहली बार मौजूदा प्रशासन के साथ-साथ एक समानांतर व्यवस्था स्थापित की गई है.
केन्द्रीय बलों के दुरुपयोग का आरोप
अखिलेश यादव ने कहा, ‘‘हम देख रहे हैं कि केंद्रीय बलों के माध्यम से एक समानांतर ढांचा तैयार किया गया है. ऊपर से नीचे तक कमान की एक पूरी तरह से अलग श्रृंखला स्थापित की गई है.’’ सपा प्रमुख ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के स्तर पर भी हस्तक्षेप के संकेत मिल रहे हैं.
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘डीजीपी कौन होना चाहिए, इसके लिए नामों का सुझाव दिया जा रहा है और हर जिले में पुलिस प्रमुख से ऊपर एक आईपीएस अधिकारी को तैनात किया गया है.’’ अखिलेश यादव ने कुछ अधिकारियों पर दबाव या प्रलोभन के तहत काम करने का भी आरोप लगाया.
अधिकारियों को अनुचित लाभ देने का आरोप
अखिलेश यादव ने कहा, ‘‘कुछ ऐसे अधिकारी (जो पश्चिम बंगाल में तैनात हैं) हैं, जिन्हें पहले ही लाभ दिए जा चुके हैं, या जिन्हें भविष्य में लाभ का आश्वासन दिया गया है. कुछ को इसलिए भेजा गया है क्योंकि उन पर जांच या अन्य कारणों से दबाव है.’’ यही नहीं आरोप लगाया कि इससे पहले उत्तर प्रदेश के रामपुर लोकसभा उपचुनाव में भी इसी तरह की रणनीति अपनाई गई थी.
उन्होंने कहा,‘‘रामपुर में जिस तरह का मॉडल देखा गया था, अब बंगाल में भी चुनाव को प्रभावित करने के लिए उसी की नकल की जा रही है.’’ सपा प्रमुख ने मतदाताओं से अधिकारियों का दुरुपयोग करने वाले लोगों के खिलाफ मतदान करने की अपील की. साथ ही आगाह किया कि इस तरह के ‘मॉडल’ उत्तर प्रदेश में भी अपनाए जा सकते हैं. उन्होंने कहा, ‘‘इस तरह की कार्यप्रणालियां उत्तर प्रदेश में पहले भी देखी गई हैं और इनका फिर से इस्तेमाल किया जा सकता है. लोगों को होशियार रहना चाहिए.’’
