यूपी की 150 सीटों पर कांग्रेस की नजर, प्रियंका गांधी ने तैयार किया बड़ा प्लान; सपा से गठबंधन में बढ़ेगी दावेदारी!

यूपी की 150 सीटों पर कांग्रेस की नजर, प्रियंका गांधी ने तैयार किया बड़ा प्लान; सपा से गठबंधन में बढ़ेगी दावेदारी!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर कांग्रेस ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। समाजवादी पार्टी के साथ संभावित सीट बंटवारे से पहले कांग्रेस अपनी राजनीतिक ताकत और जमीनी स्थिति का आकलन करने में जुट गई है। इसी कड़ी में प्रियंका गांधी के साथ हुई अहम बैठक में पार्टी ने प्रदेश की 150 विधानसभा सीटों की सूची तैयार की है। इन सीटों पर कांग्रेस की जीत की संभावनाओं को लेकर विस्तृत रिपोर्ट बनाई जा रही है, जिसे एक सप्ताह के भीतर प्रियंका गांधी को सौंपा जाएगा।

150 सीटों पर कांग्रेस तैयार कर रही जीत का पूरा गणित

कांग्रेस की स्ट्रेटजी कमेटी को चयनित 150 विधानसभा सीटों का विस्तृत आकलन करने की जिम्मेदारी दी गई है। कमेटी अगले एक सप्ताह में अपनी रिपोर्ट प्रियंका गांधी को सौंपेगी। इसमें प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के सामाजिक, भौगोलिक और जातिगत समीकरणों के साथ महिला एवं युवा मतदाताओं की भूमिका का भी अध्ययन किया जाएगा।

इसके अलावा संबंधित सीट का चुनावी इतिहास, कांग्रेस का पारंपरिक जनाधार और संभावित जिताऊ उम्मीदवारों का आकलन भी रिपोर्ट का हिस्सा होगा। पार्टी यह जानने की कोशिश कर रही है कि किन सीटों पर कांग्रेस की स्थिति मजबूत है और किन राजनीतिक परिस्थितियों में जीत हासिल की जा सकती है।

यूपी के सांसदों और प्रदेश नेतृत्व के साथ बैठक करेंगी प्रियंका गांधी

स्ट्रेटजी कमेटी की रिपोर्ट मिलने के बाद प्रियंका गांधी उत्तर प्रदेश कांग्रेस की पूरी टीम और राज्य के पार्टी सांसदों के साथ बैठक करेंगी। इस दौरान सांसदों से उनके संसदीय क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाली विधानसभा सीटों की जमीनी स्थिति और चुनावी संभावनाओं पर फीडबैक लिया जाएगा।

इस पूरी कवायद का मुख्य उद्देश्य समाजवादी पार्टी के साथ सीट बंटवारे की बातचीत से पहले कांग्रेस की दावेदारी को मजबूत करना है। पार्टी चाहती है कि जब दोनों दलों का शीर्ष नेतृत्व बातचीत की मेज पर बैठे, तब कांग्रेस के पास अपनी पसंद की 150 सीटों के पक्ष में ठोस राजनीतिक और चुनावी तर्क मौजूद हों।

सपा के साथ गठबंधन में अपना ग्राफ बढ़ाना चाहती है कांग्रेस

कांग्रेस उत्तर प्रदेश के साथ पंजाब और उत्तराखंड के विधानसभा चुनावों को लेकर भी गंभीरता से रणनीति तैयार कर रही है। हालांकि, उत्तर प्रदेश में पार्टी के सामने सबसे बड़ी चुनौती समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की है।

कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी और सांसद इमरान मसूद समेत कई नेता पहले ही सम्मानजनक सीट बंटवारे की वकालत कर चुके हैं। पार्टी के भीतर सीटों की संख्या को लेकर अलग-अलग राय सामने आ रही है। कुछ नेता 200 सीटों तक की हिस्सेदारी की बात कर रहे हैं, जबकि कुछ 150 सीटों पर दावा मजबूत करने के पक्ष में हैं।

हालांकि, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की ओर से अभी तक सीट बंटवारे की संख्या को लेकर कोई आधिकारिक संकेत नहीं दिया गया है।

लोकसभा चुनाव के नतीजों से बढ़ा कांग्रेस का आत्मविश्वास

पिछले लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की छह सीटों पर जीत दर्ज करने के बाद कांग्रेस का आत्मविश्वास बढ़ा है। पार्टी के वोट प्रतिशत में भी बढ़ोतरी हुई थी। अब कांग्रेस इसी प्रदर्शन को आधार बनाकर विधानसभा चुनाव में अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करना चाहती है।

पार्टी दलित, मुस्लिम और ब्राह्मण वर्ग के अपने पारंपरिक जनाधार को ध्यान में रखते हुए संगठनात्मक रणनीति तैयार कर रही है। इसके साथ ही महिला और युवा मतदाताओं को साधने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

गठबंधन से पहले अपनी ताकत परखने की तैयारी

कांग्रेस की इस रणनीति को समाजवादी पार्टी के साथ संभावित सीट बंटवारे के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी केवल सीटों की संख्या बढ़ाने की मांग करने के बजाय प्रत्येक सीट पर अपनी जीत की संभावनाओं को तथ्यों के साथ सामने रखना चाहती है।

हालांकि, अंतिम फैसला सपा और कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के बीच होने वाली बातचीत पर निर्भर करेगा। फिलहाल प्रियंका गांधी की सक्रिय भूमिका और 150 सीटों पर आंतरिक सर्वे की तैयारी से साफ है कि कांग्रेस यूपी विधानसभा चुनाव में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए पूरी ताकत लगाने की तैयारी में है।

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