ईरान को लेकर ट्रंप के तेवर सख्त, बोले- डील होगी या नहीं, फैसला मैं करूंगा
होर्मुज की सुरक्षा के लिए दूसरे देशों से अमेरिका को भुगतान करने की भी मांग
वॉशिंगटन। नई दिल्ली में हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर सख्त रुख अपनाया है। ट्रंप ने कहा कि ईरान अमेरिका के साथ जल्द से जल्द समझौता करना चाहता है, लेकिन यह तय करना उनका अधिकार है कि अमेरिका ईरान के साथ बातचीत करेगा या नहीं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका बातचीत के विचार के लिए खुला है।
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर ईरान को निशाने पर लेते हुए कहा कि वह जल्द से जल्द किसी समझौते के लिए उत्सुक है। उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका बातचीत की संभावना पर विचार कर सकता है, लेकिन अंतिम फैसला वही करेंगे।
अमेरिका में महंगाई के लिए बाइडन को ठहराया जिम्मेदार
एक अन्य पोस्ट में ट्रंप ने अमेरिका में बढ़ती कीमतों को लेकर पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन और उनके प्रशासन पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि महंगाई के लिए उनका प्रशासन जिम्मेदार नहीं है, बल्कि बाइडन सरकार की नीतियों के कारण कीमतें बढ़ीं।
ट्रंप ने कहा कि बाइडन के कार्यकाल में तेल की कीमतें भी मौजूदा स्तर से अधिक थीं। उन्होंने दावा किया कि उनके प्रशासन ने ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने की दिशा में काम किया।
ट्रंप ने यह भी कहा कि तेल को छोड़कर अन्य कीमतों में अस्थायी रूप से गिरावट आ रही है। उन्होंने दावा किया कि ईरान के साथ सैन्य संघर्ष समाप्त होते ही तेल की कीमतों में तेज गिरावट आएगी और यह संघर्ष ज्यादा लंबा नहीं चलेगा।
होर्मुज की सुरक्षा के लिए दूसरे देशों से मांगा पैसा
अमेरिकी राष्ट्रपति ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की सुरक्षा को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से लाभ उठाने वाले देशों को इसकी सुरक्षा के लिए अमेरिका को भुगतान करना चाहिए।
ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान के साथ जारी सैन्य टकराव के दौरान कई देशों ने अमेरिका की मदद नहीं की। इसके बावजूद होर्मुज से तेल की आवाजाही जारी है। उनका कहना है कि संघर्ष समाप्त होने के बाद उन देशों को अमेरिका को सुरक्षा की लागत का भुगतान करना चाहिए, जिन्हें इस समुद्री मार्ग से फायदा मिलता है।
‘दुनिया के देशों को अमेरिका को भुगतान करना चाहिए’
Truth Social पर किए गए लगातार पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल का प्रवाह जारी है। उन्होंने दोहराया कि जिन देशों ने संकट के दौरान अमेरिका की मदद नहीं की, उन्हें संघर्ष खत्म होने के बाद इस मार्ग की सुरक्षा के लिए अमेरिका को भुगतान करना चाहिए।
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान के साथ सैन्य टकराव के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल की आवाजाही और समुद्री मार्ग की सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बनी हुई है।
