बुशरा बानो मामले पर महुआ मोइत्रा का मोदी सरकार पर हमला, बोलीं- ‘मुस्लिम IPS अधिकारी को बनाया जा रहा निशाना’

बुशरा बानो मामले पर महुआ मोइत्रा का मोदी सरकार पर हमला, बोलीं- ‘मुस्लिम IPS अधिकारी को बनाया जा रहा निशाना’

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की IPS अधिकारी डॉ. बुशरा बानो को लेकर राज्य की सियासत गरमा गई है। उनके एक वीडियो में धार्मिक अभिवादन का इस्तेमाल किए जाने पर शिकायत दर्ज होने के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा ने केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ सरकार सेक्युलर छवि पेश करने की कोशिश करती है, वहीं दूसरी ओर एक मुस्लिम महिला IPS अधिकारी को धार्मिक अभिवादन के इस्तेमाल को लेकर निशाना बनाया जा रहा है।

महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि एक तरफ बीजेपी सरकार ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में प्रार्थना कक्ष बनाकर अपनी धर्मनिरपेक्ष छवि दिखा रही है, जबकि दूसरी तरफ मुस्लिम महिला IPS अधिकारी डॉ. बुशरा बानो को केवल ‘अस्सलाम-अलैकुम’ और ‘जजाकल्लाह’ जैसे शब्दों के इस्तेमाल के लिए निशाने पर लिया जा रहा है। उन्होंने मीडिया के एक वर्ग पर भी सवाल उठाते हुए इसे कथित तौर पर नफरत फैलाने वाली मुहिम का हिस्सा बताया। महुआ ने अपने पोस्ट में बुशरा बानो के समर्थन का भी ऐलान किया।

क्या है बुशरा बानो का मामला?

दरअसल, हाल ही में IPS अधिकारी बुशरा बानो ने अपने सफर और अनुभव से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया था। वीडियो की शुरुआत उन्होंने ‘अस्सलाम-अलैकुम’ से की। बातचीत के दौरान उन्होंने ‘इंशा अल्लाह’ शब्द का इस्तेमाल किया और वीडियो के अंत में ‘जजाकल्लाह’ कहकर अपनी बात समाप्त की।

इसी वीडियो को लेकर उनके खिलाफ पश्चिम बंगाल के गृह सचिव के पास शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायत करने वाले संगठन का कहना है कि सरकारी पद पर रहने वाले अधिकारी को सार्वजनिक संवाद में धार्मिक अभिव्यक्तियों से बचते हुए तटस्थ भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए।

हिंदू लीगल फंड ने की शिकायत

बताया गया है कि ‘हिंदू लीगल फंड’ नाम के संगठन ने पश्चिम बंगाल के गृह सचिव के समक्ष शिकायत दर्ज कर मामले की जांच की मांग की है। संगठन का आरोप है कि बुशरा बानो ने अपने सार्वजनिक वीडियो में उर्दू और इस्लामिक अभिवादन का इस्तेमाल किया, लेकिन ‘जय हिंद’ या ‘वंदे मातरम्’ जैसे राष्ट्रीय अभिवादन का इस्तेमाल नहीं किया।

संगठन ने सोशल मीडिया पर अपनी शिकायत को लेकर कहा कि भारतीय राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले किसी भी कार्यरत अधिकारी को सार्वजनिक संवाद में धार्मिक तटस्थता बनाए रखनी चाहिए। संगठन ने गृह सचिव से मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।

महुआ मोइत्रा ने उठाए सवाल

बुशरा बानो के खिलाफ शिकायत के बाद महुआ मोइत्रा ने इसे लेकर बीजेपी और केंद्र सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि धार्मिक पहचान से जुड़े शब्दों के इस्तेमाल को लेकर एक महिला IPS अधिकारी को निशाना बनाना उचित नहीं है।

फिलहाल, यह मामला राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया है और बुशरा बानो के वीडियो को लेकर शिकायत तथा उस पर होने वाली संभावित कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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